कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से निबटने के लिये देश में लागू लॉकडाउन के दौरान धारा 188 के तहत दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कराने के लिए न्यायालय में याचिका दायर की गयी। सुप्रीम कोर्ट में दर्ज इस याचिका में लोकसेवकों के आदेशों की अवहेलना करने और छोटे मोटे अपराध के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द कराने की मांग की गई है।
यह याचिका उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक और गैर सरकारी संगठन ‘सेन्टर फॉर अकाउन्टेबिलिटी एंड सिस्टेमिक चेंज’ के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने दायर की है। भारतीय दंड संहिता की धारा 188 का उल्लंघन करने के अपराध में एक महीने की कैद या 200 रूपए तक का जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। इसी तरह लोक सेवक के आदेशों की अवज्ञा करने से लोगों की जान खतरे में पड़ती है तो इस अपराध के लिये छह महीने तक की कैद और एक हजार रूपए का जुर्माना या दोनों ही सजा का प्रावधान है।
लॉकडाउन के दौरान आपदा मोचन कानून, 2005 के तहत सभी राज्य सरकारों को धारा 188 के तहत या छोटे मोटे अपराधों के आरोप में शिकायत दायर करने या प्राथिमकी दर्ज नहीं करने का निर्देश देने का अनुरोध याचिका में किया गया है। याचिका के अनुसार भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दिल्ली के 50 थाना क्षेत्रों में 23 मार्च से 13 अप्रैल की अवधि में 818 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं।
शिवसेना ने बांद्रा स्टेशन की घटना को बताया षड्यंत्र, कहा- इस उपद्रव का भंडाफोड़ जल्द करेगी सरकार
याचिका में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने ट्वीटर हैंण्डल के माध्यम से जानकारी दी है कि उसके यहां धारा 188 के तहत 48,503 व्यक्तियों के खिलाफ 15,378 प्राथमिकी दर्ज की गयी हैं। याचिका में कहा गया है कि धारा 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज करना पूरी तरह गैरकानूनी और कानून के शासन के सिद्धांत के खिलाफ है और इससे संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का हनन होता है।
याचिका में दलील दी गयी है कि एक ओर यह न्यायालय ने जेलों में भीड़ कम करने के लिए कैदियों की रिहाई का निर्देश दिया है और दूसरी ओर पुलिस छोटे मोटे अपराध के आरोपों में प्राथिमकी दर्ज करके अपराध न्याय प्रणाली पर बोझ बढ़ा रही है। सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी होने के नाते वह पुलिस की कार्यशैली और अपराध न्याय व्यवस्था की चपेट में आये लोगों की पीड़ा तथा वेदना को समझते हैं।


Download Android App
Download iOS App



