सुप्रीम कोर्ट में अस्पताल परिसरों पर हमले को रोकने और अस्पतालों एवं नर्सिंग होम को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने का केंद्र एवं राज्य सरकारों को निर्देश देने संबंधी एक याचिका दायर हुई है। याचिका में चिकित्सा सेवा पेशेवरों के खिलाफ हमले के मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र तैयार करने का भी अनुरोध किया गया है।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) ने वकील नेहा कलीता के जरिये सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके चिकित्सकों, मेडिकलकर्मियों (डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय आदि) और अस्पताल परिसरों पर हमले को रोकने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करने का निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने अस्पतालों और नर्सिंग होम को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की भी मांग की है।
डीएमए की असम इकाई के अध्यक्ष डॉ. सत्यजीत बोरा ने अपनी जनहित याचिका में स्वास्थ्य पेशेवरों और अन्य कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाने के लिए सुरक्षा प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता जताई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मरीजों के रिश्तेदारों या परिजनों एवं प्रशंसकों द्वारा चिकित्साकर्मियों के खिलाफ हिंसक घटनाओं को देखते हुए ऐसा करना जरूरी हो गया है।


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