पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल पर अब भी चार रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि पेट्रोल पर उनका मार्जिन सकारात्मक हो गया है।
सरकार की मदद के लिए नहीं बढ़ाए दाम
पुरी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती के बारे में पूछा गया था।उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय तीन खुदरा ईंधन विक्रेताओं – इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को हुए नुकसान के लिए सहायता की मांग करेगा।इन कंपनियों ने महंगाई से निपटने में सरकार की मदद के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए, जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल काफी महंगा हो गया था।
सितंबर तिमाही में भी होगा नुकसान
कीमतों में कमी के बारे में पूछने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ओएमसी (तेल विपणन कंपनियों) को अब भी डीजल पर घाटा है।’’इस समय डीजल पर घाटा लगभग 27 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन वास्तविक नकद हानि लगभग 3-4 रुपये प्रति लीटर है।तीनों खुदरा ईंधन विक्रेताओं को अप्रैल-जून तिमाही में 19,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध घाटा हुआ है। ऐसा अनुमान है कि इन कंपनियों को सितंबर तिमाही में भी नुकसान होगा।


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