PM मोदी ने बाल पुरस्कार विजेताओं को आत्मविश्वास विकसित करने का दिया सुझाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत की और उन्हें सुझाव दिया कि वे जीवन में आगे बढ़ने के साथ ही बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए आत्मविश्वास विकसित करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत की और उन्हें सुझाव दिया कि वे जीवन में आगे बढ़ने के साथ ही बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए आत्मविश्वास विकसित करें।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक पुरस्कार विजेता बच्चों ने मोदी से उनके सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में विभिन्न प्रश्न पूछे और विभिन्न विषयों पर उनका मार्गदर्शन मांगा।
प्रधानमंत्री और बच्चों की यह मुलाकात प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सभी पुरस्कार विजेताओं को स्मारिका प्रदान की और उनकी उपलब्धियों पर एक-एक से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने पूरे समूह के साथ बातचीत की।
पीएमओ ने कहा प्रधानमंत्री ने अनौपचारिक माहौल में खुले दिल से बच्चों से बातचीत की। पीएमओ के मुताबिक, ‘प्रधानमंत्री ने पुरस्कार विजेताओं को छोटी समस्याओं को हल करके शुरुआत करने, धीरे-धीरे क्षमता का निर्माण करने, क्षमता बढ़ाने और जीवन में आगे बढ़ने के साथ बड़ी समस्याओं को हल करने के लिए आत्मविश्वास विकसित करने का सुझाव दिया।’
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों के सामने आने वाली समस्याओं के मुद्दे पर भी चर्चा की और उन्हें सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में परिवार ही सबसे बड़ा सहारा होता है।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने शतरंज खेलने के लाभ, कला और संस्कृति को करियर के रूप में अपनाने, अनुसंधान और नवाचार, आध्यात्मिकता सहित कई अन्य विषयों पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को छह श्रेणियों – कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, शैक्षिक, सामाजिक सेवा और खेल में उनकी उत्कृष्टता के लिए प्रदान किये जाते हैं।
इस वर्ष 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के 11 बच्चों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सोमवार को कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, सामाजिक सेवा और खेल की श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
ग्यारह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित पुरस्कार विजेताओं में आदित्य सुरेश, एम गौरवी रेड्डी, श्रेया भट्टाचार्जी, संभब मिश्रा, रोहन रामचंद्र बहिर, आदित्य प्रताप सिंह चौहान, ऋषि शिव प्रसन्ना, अनुष्का जॉली, हनाया निसार, कोलागतला अलाना मीनाक्षी और शौर्यजीत रंजीतकुमार खैरे शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर विशिष्ट परिस्थितियों में बहादुरी के लिए कुछ बच्चों की सराहना की।
उन्होंने कहा, ”आदित्य सुरेश पर गर्व है, जिन्होंने प्रतिरोध की उल्लेखनीय शक्ति दिखाई है। उन्हें हड्डी विकार का पता चला था, लेकिन वह मनोबल कम करने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने गायन जारी रखा और आज वह एक प्रतिभाशाली गायक हैं। उन्होंने 500 से अधिक कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी है।’
रेड्डी के बारे में मोदी ने कहा कि वह एक शानदार नृत्यांगना हैं, विभिन्न कार्यक्रमों में प्रस्तुति देती रही हैं और भारतीय संस्कृति को लेकर बहुत जुनूनी हैं। उन्होंने कहा, ”खुशी है कि उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।’
मोदी ने कहा, ‘मेरे युवा मित्र संभब मिश्रा एक बहुत ही रचनात्मक युवा हैं। उनके पास कई लेख हैं और उन्हें कई प्रतिष्ठित फैलोशिप भी मिल चुका है। मैं उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बधाई देता हूं।’
सबसे लंबे समय तक वाद्य यंत्र बजाने का रिकॉर्ड रखने वाले तबला कलाकार भट्टाचार्जी की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें सांस्कृतिक ओलंपियाड ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स जैसे मंचों पर भी सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘मुझे रोहन रामचंद्र बहिर पर गर्व है, जिन्होंने नदी में कूदकर एक महिला को डूबने से बचाया। उन्होंने बड़ी बहादुरी और निडरता का प्रदर्शन किया। उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित होने पर बधाई। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं।’

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