प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संत कबीर दास की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने न केवल सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया, बल्कि दुनिया को मानवता और प्रेम का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि संत कबीर दास जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उन्होंने न केवल सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया, बल्कि दुनिया को मानवता और प्रेम का संदेश दिया। उनका दिखाया मार्ग हर पीढ़ी को भाईचारा और सद्भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा। मोदी ने कुछ वर्ष पूर्व मगहर स्थित संत कबीर दास की निर्वाण स्थली का दौरा किया था। प्रधानमंत्री ने ट्वीट के साथ ही इस दौरे की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी आज अपने निवास पर संत कबीर की जयंती के अवसर पर उन्हें स्मरण करते हुए कबीर दास को नमन किया। चौहान ने कहा कि अपनी अनुपम रचनाओं और दोहों से मानवता का सच्चा पाठ पढ़ने वाले महान कवि और संत कबीरदास की जयंती पर कोटिश: नमन। कबीर दास की रचनाए अनंतकाल तक मनुष्य को जीवन के सत्य का दर्शन कराकर सत्पथ पर अविराम गतिमान बनाए रखेंगी।
भारत के महान संत और आध्यात्मिक कवि कबीर दास का जन्म वर्ष 1440 में हुआ था। उन्होंने एक सामान्य गृहस्वामी और एक संत के संतुलित जीवन को जिया। रामानंद जी से शिक्षा ली। वे हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन युग में परमेश्वर की भक्ति के एक महान प्रवर्तक के रूप में उभरे।
इनकी रचनाओं ने हिन्दी प्रदेश के भक्ति आंदोलन को गहरे स्तर तक प्रभावित किया। उनका लेखन सिक्खों के आदि ग्रंथ में भी मिलता है। वे एक सर्वोच्च ईश्वर में विश्वास रखते थे। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, कर्मकांड, अंधविश्वास की निंदा की और सामाजिक बुराइयों की कड़ आलोचना भी। कबीर पंथ नामक धार्मिक सम्प्रदाय इनकी शिक्षाओं पर आधारित है।


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