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G-20 की अध्यक्षता दुनिया के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करने का अवसर – PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता महिला सशक्तिकरण, लोकतंत्र और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दुनिया के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करने का अवसर होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता महिला सशक्तिकरण, लोकतंत्र और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में दुनिया के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करने का अवसर होगी।
प्रधानमंत्री ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान भारत की जी-20 की अध्यक्षता के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण करने के बाद यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि प्रभावशाली समूह के अध्यक्ष के रूप में भारत का प्रयास रहेगा कि ‘विश्व में कोई भी फर्स्ट वर्ल्ड (पहली दुनिया) या थर्ड वर्ल्ड (तीसरी दुनिया) न हो, बल्कि केवल एक विश्व हो।’’
भारत एक दिसंबर को मौजूदा अध्यक्ष इंडोनेशिया से इस शक्तिशाली समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। 20 देशों का समूह यानी जी-20 दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का अंतर-सरकारी मंच है।
उन्होंने कहा, ‘‘आजादी के अमृतकाल में देश के सामने ये कितना बड़ा अवसर आया है। ये हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है, उसका गौरव बढ़ाने वाली बात है।’’
मोदी ने अपने संबोधन में भारत की विकास यात्रा को रेखांकित किया और कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत को आगे ले जाने में सभी सरकारों और लोगों ने अपने-अपने तरीके से योगदान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘आज़ादी के बाद हमने शून्य से शुरू करके, शिखर को लक्ष्य करके, एक बड़ी यात्रा शुरू की। इसमें पिछले 75 वर्षों में जितनी भी सरकारें रहीं, उन सभी के प्रयास शामिल हैं। सभी सरकारों और नागरिकों ने अपने-अपने तरीके से मिलकर भारत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। हमें इसी स्पिरिट (भावना) से आज एक नयी ऊर्जा के साथ पूरी दुनिया को साथ लेकर आगे बढ़ना है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत की हजारों वर्ष पुरानी संस्कृति ने हमें एक और बात सिखाई है। जब हम अपनी प्रगति के लिए प्रयास करते हैं, तो हम वैश्विक प्रगति की परिकल्पना भी करते हैं।’’
भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत दुनिया को दिखा सकता है कि लोकतंत्र व्यवस्था के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति बन जाए तो संघर्ष का दायरा समाप्त हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत में जी20 शिखर सम्मेलन सिर्फ एक कूटनीतिक बैठक नहीं होगी बल्कि देश इसे एक Òनयी जिम्मेदारीÓ के तौर पर देखता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत इसे अपने प्रति दुनिया के विश्वास के रूप में देखता है। आज विश्व में भारत को जानने की, भारत को समझने की एक अभूतपूर्व जिज्ञासा है। आज भारत का नए आलोक में अध्ययन किया जा रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियां ऐसी हैं, जो विश्व के अन्य देशों के भी काम आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने जिस तरह से विकास, समावेश, भ्रष्टाचार उन्मूलन और व्यापार में आसानी के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग किया है, वह विकासशील देशों के लिए मददगार हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह, आज भारत महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी प्रगति कर रहा है। उन्होंने जन धन योजना एवं मुद्रा योजना जैसी योजनाओं का हवाला दिया जिनका उद्देश्य महिलाओं का वित्तीय समावेश सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सतत विकास पर जोर देते हुए प्रगति और प्रकृति एक साथ चल सकती हैं। उन्होंने समूह की आगामी अध्यक्षता के संबंध में कहा, Òयह सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है, यह सभी भारतीयों के लिए और अधिक गौरव लाएगा।’’
मोदी ने कहा कि भारत जी-20 की अध्यक्षता करने जा रहा है और यह आयोजन हमारे लिए 130 करोड़ भारतीयों की शक्ति और सामर्थ्य का प्रतिनिधित्‍व है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार जी-20 का लोगो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों से प्रेरित है- केसरिया,सफेद, हरा, और नीला। इसमें भारत के राष्ट्रीय फूल कमल के साथ पृथ्वी को जोड़ा गया है, जो चुनौतियों के बीच विकास को दर्शाता है।
बयान के अनुसार पृथ्वी जीवन के प्रति भारत के धरती के अनुकूल उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य को प्रतिबिंबित करता है।
इसमें कहा गया है कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता का विषय (थीम)- “वसुधैव कुटुम्बकम” या “एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य”- महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है। यह विषय जीवन के सभी मूल्यों – मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीव- और धरती पर और व्यापक ब्रह्मांड में उनके परस्पर संबंध की पुष्टि करता है।
यह थीम व्यक्तिगत जीवन शैली के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास के स्तर पर, अपने संबद्ध, पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और जिम्मेदार विकल्पों के साथ ‘लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पर भी प्रकाश डालती है।
जी-20 समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
जी20 शिखर सम्मेलन 15-16 नवंबर को बाली में होगा और मोदी समेत शीर्ष नेताओं का इसमें शामिल होना तय है।
जी20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का एक प्रमुख मंच है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।
भारत वर्तमान में जी20 ‘ट्रोइका’ (जी-20 के वर्तमान, पिछले और आगामी अध्यक्ष) का हिस्सा है जिसमें इंडोनेशिया, इटली और भारत शामिल हैं।

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