राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दशहरा की पूर्व संध्या पर मंगलवार को देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जतायी कि यह त्योहार सभी को शास्वत जीवन मूल्यों के प्रति प्रेरित करेगा।अपने संदेश में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि विजयदशमी का पर्व पूरे भारत में बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य, अनैतिकता पर नैतिकता की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
यह पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता का उदाहरण
राष्ट्रपति भवन के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ उत्तर भारत में इसे ‘दशहरा’ के रूप में मनाया जाता है और रावण पर भगवान राम की जीत ‘रावण दहन’ के माध्यम से दर्शायी जाती है।’’उन्होंने कहा कि भगवान राम का आदर्श आचरण और सदाचार का संदेश पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को प्रेरणा देता रहा है।उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत में, इस दिन ‘दुर्गा मूर्ति विसर्जन’ समारोह उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस प्रकार यह पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता का उदाहरण है।बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं कामना करती हूं कि यह त्योहार हमें नैतिकता, सच्चाई और अच्छाई के शाश्वत जीवन मूल्यों को आत्मसात करने और शांति तथा सद्भाव का जीवन जीने के लिए प्रेरित करता रहे।’’


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