Presidential Election 2022 : यशवंत सिन्हा ने मुर्मू पर साधा निशाना, भाजपा सांसदों, विधायकों से की अपील - Latest News In Hindi, Breaking News In Hindi, ताजा ख़बरें, Daily News In Hindi

लोकसभा चुनाव 2024

पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

दूसरा चरण - 26 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

89 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

चौथा चरण - 13 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

96 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

Presidential election 2022 : यशवंत सिन्हा ने मुर्मू पर साधा निशाना, भाजपा सांसदों, विधायकों से की अपील

राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति चुनाव की पूर्व संध्या पर रविवार को प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर वह चुनी जाती हैं, तो वह ‘‘मूक, अदृढ और रबर-स्टाम्प राष्ट्रपति’’ बनेंगी।

राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति चुनाव की पूर्व संध्या पर रविवार को प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर वह चुनी जाती हैं, तो वह ‘‘मूक, अदृढ और रबर-स्टाम्प राष्ट्रपति’’ बनेंगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व नेता सिन्हा ने देश भर के सांसदों और विधायकों से ‘‘संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और भारत को बचाने’’ में मदद करने के लिए पार्टी-संबद्धता की परवाह किए बिना उन्हें वोट देने की जोरदार अपील की। उन्होंने भाजपा सांसदों से कहा, ‘‘यह चुनाव आपके लिए भाजपा में बहुत जरूरी सुधार लाने का आखिरी मौका है।’’
सिन्हा ने सांसदों से चुनाव में अंतरात्मा की आवाज के साथ मतदान करने का कई बार आग्रह किया है। इस चुनाव में मुर्मू की जीत लगभग तय है। कई गैर-राजग दल भी आदिवासी नेता की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं।
सिन्हा ने सभी निर्वाचक सांसदों और विधायकों को लिखे एक पत्र में कहा कि वह देश भर से मिले समर्थन से अभिभूत हैं। उन्होंने विपक्षी दलों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उन्हें अपना सर्वसम्मत उम्मीदवार होने के योग्य समझा।
उन्होंने मुर्मू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें उन लोगों का समर्थन प्राप्त है जो संविधान को बदलना चाहते हैं, जो लोकतंत्र पर रोजाना हमले कर रहे हैं, जो धर्मनिरपेक्षता के स्तंभ को नष्ट कर रहे हैं, बहुसंख्यक वर्चस्व स्थापित कर रहे हैं और टकराव एवं संघर्ष की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव दो उम्मीदवारों की पहचान के बारे में नहीं है, बल्कि उन विचारधाराओं और आदर्शों के बारे में है जिनका वे प्रतिनिधित्व करते हैं।
सिन्हा ने कहा, ‘‘मेरी विचारधारा भारत का संविधान है। मेरे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार उन ताकतों का प्रतिनिधित्व करती हैं जिनकी विचारधारा और एजेंडा संविधान को बदलना है। मैं भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए खड़ा हूं। मेरी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार का समर्थन उन लोगों द्वारा किया जा रहा है जो लोकतंत्र पर रोजाना हमले कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए खड़ा हूं जो हमारे संविधान का एक आधार स्तंभ है और भारत की सदियों पुरानी गंगा-जमुनी विविधता में एकता की विरासत का सबसे अच्छा उदाहरण है। मेरी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार उस पार्टी से हैं जिसका इस स्तंभ को नष्ट करने और बहुसंख्यक वर्चस्व स्थापित करने का संकल्प किसी से छिपा नहीं है। मैं आम सहमति और सहयोग की राजनीति को प्रोत्साहित करने के लिए खड़ा हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘’मेरी प्रतिद्वंद्वी को एक ऐसी पार्टी का समर्थन प्राप्त है जो टकराव और संघर्ष की राजनीति करती है। मैं बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक भारतीय नागरिक की संवैधानिक रूप से गारंटीकृत स्वतंत्रता और अधिकारों के लिए खड़ा हूं। मेरी प्रतिद्वंद्वी को उन लोगों ने चुना है जो इस सिद्धांत का उल्लंघन कर रहे हैं।’’
सिन्हा ने कहा कि वह सामंजस्यपूर्ण केंद्र-राज्य संबंधों और सहकारी संघवाद के पक्षधर हैं।
सिन्हा ने निर्वाचक मंडल के सदस्यों को जारी अपनी अपील में आरोप लगाया, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी उस प्रतिष्ठान की उम्मीदवार हैं जिसने भारतीय संविधान के संघीय ढांचे पर कई हमले किए हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि नयी दिल्ली में इतनी शक्तियां पहले कभी केंद्रित नहीं हुई हैं और राज्यों ने कभी भी इतना Òअक्षम और अपमानितÓ महसूस नहीं किया है।
विपक्षी उम्मीदवार ने इसे रोकने का आह्वान करते हुए कहा कि वह ‘‘एक राष्ट्र, कई दल, सामूहिक नेतृत्व’’ के लिए खड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी…उन लोगों के नियंत्रण में होंगी, जिनका उद्देश्य लोकतांत्रिक भारत को कम्युनिस्ट चीन की तरह बनाना है – ‘एक राष्ट्र, एक पार्टी, एक सर्वोच्च नेता’।
सिन्हा ने कहा कि संविधान निर्माताओं की मंशा यह कभी नहीं थी कि गणतंत्र के सर्वोच्च पद का इस्तेमाल समाज के किसी भी वर्ग के तुष्टीकरण के लिए किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बार-बार संकल्प लिया है कि, यदि निर्वाचित होता हूं, तो मैं बिना किसी भय या पक्षपात के, संविधान के संरक्षक के रूप में कार्य करूंगा और आवश्यकता पड़ने पर, एक निरंकुश और अलोकतांत्रिक कार्यपालिका द्वारा संस्थागत दुरुपयोग को रोकूंगा। मेरी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार ने ऐसी कोई प्रतिज्ञा नहीं की है।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘वास्तव में, पूरे अभियान के दौरान, वह (मुर्मू) चुप रहीं, जिससे यह अग्रिम संकेत मिला कि यदि वह चुनी जाती हैं, तो वह एक मूक, अदृढ और रबर-स्टांप राष्ट्रपति साबित होंगी।’’
उन्होंने निर्वाचक मंडल से अपनी आखिरी अपील करते हुए सवाल किया, ‘‘भारत किस तरह के राष्ट्रपति का हकदार है? संविधान की रक्षा करने वाला या प्रधानमंत्री की रक्षा करने वाला?’’
यह उल्लेखित करते हुए कि चुनाव में कोई व्हिप नहीं है, उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने इस तथ्य को रेखांकित करने के लिए गुप्त मतदान की विधि तैयार की है कि निर्वाचक मंडल के सदस्यों को ‘अपने विवेक की आवात’ पर ध्यान देने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि पार्टी की संबद्धता की परवाह किए बिना, मुझे वोट दें – ‘संविधान बचाने के लिए, लोकतंत्र बचाने के लिए, धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए और भारत को बचाने के लिए।’’
भाजपा विधायकों और सांसदों से विशेष अपील करते हुए सिन्हा ने कहा कि वह भी कभी इसी पार्टी के थे। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मुझे यह कहते हुए खेद है कि जिस पार्टी का नेतृत्व अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने किया था, वह मर चुकी है। वर्तमान पार्टी एकमात्र नेता के तहत, पूरी तरह से अलग पार्टी है।’’
28 जून को केरल से अपना चुनावी अभियान शुरू करने वाले सिन्हा ने कहा कि उन्होंने 16 जुलाई को अपने गृह राज्य झारखंड के दौरे के साथ इसे समाप्त किया।
राष्ट्रपति चुनाव सोमवार को होगा और चुनाव नतीजे बृहस्पतिवार 21 जुलाई को आएंगे।
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

fifteen − 6 =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।