राबड़ी देवी ने योगी को बताया ढोंगी, कहा- UP में है राक्षस राज, मायावती ने भी साधा निशाना

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कांग्रेस पार्टी के बयान के बाद शनिवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने निशाना साधा।

उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान लखीमपुर में हुई अभद्रता और हिंसा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हिंसा पर  पार्टियों के प्रतिक्रिया सामने आने लगी है।  कांग्रेस पार्टी के बयान के बाद शनिवार को  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने निशाना साधा।  
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून का शासन नहीं बल्कि ‘जंगलराज’ चल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में वर्तमान भाजपा सरकार में कानून का शासन नहीं बल्कि जंगलराज चल रहा है, जिसके तहत यहां पंचायत चुनाव में हिंसा की असंख्य घटनाएं और लखीमपुर खीरी की एक महिला से की गई बदसलूकी की घटना अति-शर्मनाक है। क्या यही इनका कानून का राज व लोकतंत्र है? यह सोचने की बात है।’’

बसपा प्रमुख ने कहा, ‘‘आजमगढ़ जिले की तरह चन्दौली जिले के बर्थरा खुर्द गांव में भी दलितों के घरों को दबंगों द्वारा उजाड़ना व उत्पीड़न करना क्या यही इनका दलित प्रेम है? दुख यह भी है कि अभी भी केंद्र और राज्य सरकार के दलित मंत्री चुप हैं, क्यों? यह अति-चिन्तनीय है।’’

आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने ट्वीट कर कहा है कि उत्तर प्रदेश में राक्षस राज है। किस मुँह से वो अपने को बाबा और योगी कहता है। यह तो ढोंग की पराकाष्ठा है। पुलिस के भेष में गुंडे क़ानून की रखवाली कर रहे है।


गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के पसगवां विकास खंड में क्षेत्र पंचायत प्रमुख के नामांकन के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) की उम्मीदवार के साथ अभद्रता, साड़ी खींचने और नामांकन पत्र फाड़ने की घटना हुई। इस मामले में शुक्रवार को संबंधित क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ), पसगवां के थाना प्रभारी (एसएचओ), चौकी प्रभारी एक निरीक्षक और तीन उप निरीक्षकों समेत कुल छह पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

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