कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में हिंदी भाषा के संदर्भ में द्रमुक सदस्यों को पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति नहीं मिलने को लेकर अध्यक्ष ओम बिरला पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा की तमिलनाडु के सदस्यों को पूरक प्रश्न पूछने का मौका नहीं दिया जाना तमिल लोगों और तमिलभाषियों एवं तमिल भाषा पर आक्रमण है।
राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया, ‘‘कल मैंने सवाल किया था कि जानबूझकर कर्ज अदायगी नहीं करने वाले 50 चूककर्ताओं के नाम बताए जाएं। फिर मुझे दूसरा पूरक प्रश्न पूछने नहीं दिया गया जो मेरे हक बनता था। मेरा हक छीना गया। मगर आज स्पीकर जी ने तमिलनाडु का हक छीना।’’
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उन्होंने कहा, ‘‘सदन में भाषा की बात हो रही थी और तमिलनाडु के सांसद अपनी भाषा को लेकर सवाल पूछना चाहते थे। तमिल उनका इतिहास है, दिल है, डीएनए है। उसके बार में वे सवाल पूछना चाहते थे। लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने सवाल पूछने नहीं दिया।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘आज तमिल भाषी लोगों और उनकी भाषा पर आक्रमण हुआ। यह अस्वीकार्य है।’’ यह तमिलनाडु के लोगों और उनकी भाषा के बारे में है। उन्हें अपनी भाषा की रक्षा करने, उस पर विश्वास करने और उसे बोलने का पूरा अधिकार है। यह अस्वीकार्य है। आप इस भाषा में तमिल लोगों से उनकी भाषा के बारे में सवाल पूछने का अधिकार नहीं छीन सकते।
कोरोनो ही नहीं बल्कि आने वाली आर्थिक तबाही के लिए भी रहना चाहिए तैयार
कोरोनो वायरस के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को लेकर राहुल गांधी ने कहा, यह सुनामी आने की तरह है। भारत को सिर्फ कोरोनो वायरस के लिए ही नहीं बल्कि आने वाली आर्थिक तबाही के लिए भी तैयार रहना चाहिए। मैं इसे बार-बार कह रहा हूं। हमारे लोग अगले 6 महीनों में अकल्पनीय दर्द से गुजरने वाले हैं।


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