संसद की नई ‘डिक्शनरी’ पर राहुल का कटाक्ष, बोले-‘नए भारत के लिए नई शब्दावली’

Summary :

शब्दों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस दूसरे गणतंत्र में नए संविधान को बनाने की कोशिश होगी। क्या यह नए व्याकरण की रचना कर रहे हैं?

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत होने से पहले लोकसभा सचिवालय ने ‘असंसदीय शब्द 2021’ शीर्षक के तहत ऐसे शब्दों एवं वाक्यों का नया संकलन तैयार किया है जिन्हें ‘असंसदीय अभिव्यक्ति’ की श्रेणी में रखा गया है। इस फैसले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि ‘नए भारत के लिए नई शब्दावली।’ 
राहुल गांधी ने सरकार की ‘असंसदीय’ शब्दों की नई सूची पर कटाक्ष करते हुए ट्वीट किया ‘नए भारत के लिए नई शब्दावली।’ 


दूसरे गणतंत्र में नए संविधान को बनाने की कोशिश

शब्दों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस दूसरे गणतंत्र में नए संविधान को बनाने की कोशिश होगी। क्या यह नए व्याकरण की रचना कर रहे हैं? हम इन शब्दों में इस्तेमाल करते रहेंगे। मोदी जी और अमीत शाह जी ‘जुमले’ का मतलब जाकर पढ़ लें। 
उन्होंने कहा कि आज कहते हैं कि यह शब्द इस्तेमाल नहीं हो सकते, कल कहेंगे कि संसद में आना है तो भगवा कपड़े पहनकर आओ। इन चीज़ों को देखने के लिए संसद में नियम और नैतिक समितियां हैं। यह दूसरा संसद बनाकर दूसरा गणतंत्र बनाते जा रहे हैं। 
PM मोदी के कहे शब्दों को हम बोलेंगे 
वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वे जब खुद कहते हुए आए हैं आज उनको क्यों लग रहा है कि यह शब्द ठीक नहीं है। संसद में एक किताब बनती है जिसमें लिखा होता है कि कौन से शब्द असंसदीय हैं और कौन से संसदीय होते हैं। उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी ने) जो शब्द अपने संसदीय जीवन में कहे और बोले हैं वही शब्द हम बोलेंगे और उनको बताएंगे कि उनकी बहस में उन्होंने क्या कहा।
संसद में इन शब्दों के इस्तेमाल पर बैन
उल्लेखनीय है कि संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान सदस्य अब चर्चा में हिस्सा लेते हुए जुमलाजीवी, बाल बुद्धि सांसद, शकुनी, जयचंद, लॉलीपॉप, चाण्डाल चौकड़ी, गुल खिलाए, पिठ्ठू जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। ऐसे शब्दों के प्रयोग को अमर्यादित आचरण माना जायेगा और वे सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं होंगे।
दरअसल, लोकसभा सचिवालय ने ‘‘असंसदीय शब्द 2021’’ शीर्षक के तहत ऐसे शब्दों एवं वाक्यों का नया संकलन तैयार किया है जिन्हें ‘असंसदीय अभिव्यक्ति’ की श्रेणी में रखा गया है। संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले, सदस्यों के उपयोग के लिये जारी किये गए इस संकलन में ऐसे शब्द या वाक्यों को शामिल किया गया है जिन्हें लोकसभा, राज्यसभा और राज्यों के विधानमंडलों में वर्ष 2021 में असंसदीय घोषित किया गया था।

Desk Team