महिला सैन्य अधिकारियों के स्थाई कमीशन को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

Summary :

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उच्चतम न्यायालय के महिला सैन्य अधिकारियों को स्थाई कमीशन देने के फैसले का स्वागत करते हुए सोमवार को सरकार पर तीखा हमला किया और कहा कि न्यायालय में सरकार ने इस संबंध में जो तर्क दिया उससे देश की हर महिला अपमानित हुई है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उच्चतम न्यायालय के महिला सैन्य अधिकारियों को स्थाई कमीशन देने के फैसले का स्वागत करते हुए सोमवार को सरकार पर तीखा हमला किया और कहा कि न्यायालय में सरकार ने इस संबंध में जो तर्क दिया उससे देश की हर महिला अपमानित हुई है। 
राहुल गांधी ने ट्वीट किया ‘‘उच्चतम न्यायालय में दिए गये सरकार के तर्क ने देश की हर महिला को अपमानित किया है। सरकार ने न्यायालय में कहा था कि महिलाएं कमांड पोस्ट या स्थायी सेवा के लिए उपयुक्त नहीं हैं क्योंकि पुरुषों की तुलना में महिलाएं कमजोर हैं। मैं भारतीय महिलाओं को मजबूती के साथ खड़े होने तथा सरकार के तर्क को गलत साबित करने के लिए बधाई देता हूं।’’ 

इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा ‘‘सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने देश की महिलाओं की उड़न को नए पंख दिए हैं। महिलाएँ सक्षम हैं – सेना में, शौर्य में और जल, थल, नभ में। पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर नारी शक्ति का विरोध करने वाली मोदी सरकार को ये करारा जवाब है।’’  
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि कॉम्बैट ब्रांचों को छोड़कर अन्य शाखाओं में महिला सैन्य अधिकारियों को स्थाई कमीशन देना जरूरी है। महिलाओं को स्थायी कमीशन नहीं देना प्राचीन अवधारणाओं एवं महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह है क्योंकि पुरुषों के साथ महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर काम करती हैं।

Ujjwal Jain