Raksha Bandhan : ‘राखी का धागा केवल सुरक्षा का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और भावी पीढ़ी के बीच एक ऐसा बंधनकारी संकल्प है, जो एक मजबूत, जागरूक और जिम्मेदार भारत के निर्माण का वचन देता है,’ यह बात दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को विधानसभा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। इस हर्षोल्लासपूर्ण और भावनात्मक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विजेंद्र गुप्ता की कलाई पर राखियां बांधीं और उनके साथ उत्साह के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए गुप्ता ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा उच्च नैतिक मूल्यों के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने भारत की संसदीय विरासत की एक समृद्ध और ज्ञानवर्धक यात्रा का अनुभव किया, जिसकी शुरुआत ऐतिहासिक विधानसभा भवन के महत्व को समझने से हुई। वर्ष 1912 में निर्मित यह भवन पूर्व में ऐतिहासिक केंद्रीय विधान सभा का सदन रहा है और विट्ठलभाई पटेल जैसी महान विभूतियों की अमिट विरासत को संजोए हुए है।
विद्यार्थियों ने वर्ष 1993 में दिल्ली विधानसभा के पुनर्गठन के बाद से लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में इसकी निरंतर भूमिका के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों की समझ को और गहरा करने के लिए कार्यक्रम में विधायी प्रक्रियाओं पर एक व्यापक परिचयात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें कानूनों के निर्माण, उन पर चर्चा और उन्हें पारित किए जाने की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
इस शैक्षणिक सत्र के साथ विधानसभा की विकास यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें पद्म भूषण से सम्मानित अनुपम खेर ने अपनी आवाज दी है। विद्यार्थियों को ‘एक शताब्दी यात्रा’ नामक स्मारिका भी भेंट की गई, जो एक शताब्दी के विधायी इतिहास को दस्तावेजित करने वाला कॉफी टेबल प्रकाशन है। इसके बाद विद्यार्थियों ने विधानसभा सदन का मार्गदर्शित भ्रमण किया और स्थानीय शासन व्यवस्था के संचालन के इस महत्वपूर्ण केंद्र को प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


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