ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा। याचिका में जुबैर ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें कोर्ट ने एक ट्वीट को लेकर उन पर दर्ज़ प्राथमिकी को रद्द करने से इनकार कर दिया था। जुबैर पर ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है।
दरअसल, 2018 में किए गए एक ट्वीट में मोहम्मद जुबैर ने फिल्ममेकर ऋषिकेश मुखर्जी की 1983 की फिल्म ‘किसी से न कहना’ की एक क्लिप शेयर की थी। इस क्लिप में एक तस्वीर दिखती है, जिसमें एक होटल के बोर्ड पर ‘हनुमान होटल’ होता है। उसमें पेंट से यह संकेत मिलता है कि जैसे पहले उसका नाम ‘हनीमून होटल’ रहा हो और उसे मिटाकर हनुमान होटल लिख दिया गया है।
क्या है विवाद?
दरअसल, 2018 में किए गए एक ट्वीट में मोहम्मद जुबैर ने फिल्ममेकर ऋषिकेश मुखर्जी की 1983 की फिल्म ‘किसी से न कहना’ की एक क्लिप शेयर की थी। इस क्लिप में एक तस्वीर दिखती है, जिसमें एक होटल के बोर्ड पर ‘हनुमान होटल’ होता है। उसमें पेंट से यह संकेत मिलता है कि जैसे पहले उसका नाम ‘हनीमून होटल’ रहा हो और उसे मिटाकर हनुमान होटल लिख दिया गया है।
जुबैर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में आईपीसी की धारा 295ए और 67 के आधार पर केस दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ 1 जून को शिकायत दर्ज हुई थी। जुबैर को सबसे पहले 27 जून को एक एफआईआर के आधार पर अरेस्ट किया गया था। इसमें एक ट्विटर यूजर ने आरोप लगाया था कि जुबैर के एक ट्वीट से ‘हिंदुओं की भावनाएं आहत’ हुई हैं।


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