हिंदुत्व पर गला फाड़ने वाले हिंदुओं की मौत पर क्यों हैं चुप? Target Killing पर शिवसेना का BJP पर तंज

कश्मीर में लक्षित हत्याओं को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए शिवसेना ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में लोग पीड़ित हैं, लेकिन ‘राजा’ जश्न मनाने में व्यस्त हैं।

कश्मीर (Kashmir) में लक्षित हत्याओं (Target Killing) को लेकर नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार पर तीखा हमला करते हुए शिवसेना (Shiv Sena) ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में लोग पीड़ित हैं, लेकिन ‘राजा’ जश्न मनाने में व्यस्त हैं। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में, शिवसेना ने मोदी सरकार की आठवीं वर्षगांठ के समारोह पर कटाक्ष किया और कहा कि भाजपा इस बात का ढिंढोरा पीटने में व्यस्त है कि कैसे अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधानों को रद्द कर दिया गया और पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों पर सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) की गई लेकिन हैरानी की बात है कि वे कश्मीरी पंडितों की पीड़ा से बेखबर हैं।
कश्मीरी लोग पीड़ित हैं, राजा जश्न में व्यस्त है :शिवसेना 
हिंदुत्व पर भाजपा के जोरशोर से चर्चा करते रहने पर सवाल उठाते हुए शिवसेना ने कहा कि घाटी में हिंदुओं की हत्या पर भाजपा और केंद्र चुप हैं। पार्टी ने मोदी सरकार के आठवें वर्ष के समारोह के संदर्भ में कहा, “कश्मीरी लोग पीड़ित हैं, राजा समारोहों में व्यस्त हैं।” शिवसेना ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से जहां पार्टी (भाजपा) को राजनीतिक लाभ मिला, वहीं कश्मीर में स्थिति खराब हो गई है और हिंदू अब भी मारे जा रहे हैं। संपादकीय में कहा गया है कि ऐसा लगता है कि भाजपा एक अलग ही मिट्टी से बनी है।
अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने का क्या हुआ फायदा?
संपादकीय में कहा गया, “ये लोग हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर अपना गला फाड़ते हैं। लेकिन जब हिंदू वास्तविक खतरे में होते हैं तो वे चुप रहते हैं। भाजपा और केंद्र घाटी में हिंदुओं की हत्याओं पर चुप हैं।” शिवसेना ने पूछा, “सर्जिकल स्ट्राइक के बमों का धमाका कहां गया?”
संपादकीय में सवाल उठाया गया कि अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को रद्द करने से क्या नतीजे हासिल हुए और कितने लोगों ने कश्मीर में जमीन खरीदी है। शिवसेना ने कहा, “दूसरी ओर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (जो शिवसेना प्रमुख भी हैं) ने कहा है कि राज्य कश्मीरी पंडितों का समर्थन करेगा। राज्य में जो भी जरूरी होगा, वह करेगा।”

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