मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश की ताजा स्थिति से रूबरू कराया। शिवराज ने पीएम मोदी को खरगोन में हुई सांप्रदायिक हिंसा, राज्य की कानून व्यवस्था, नक्सल समस्या, स्लीपर सेल से जुड़ आतंकवादियों की गिरफ्तारी से जुड़ी घटनाओं को लेकर तात्रास्थिति से अवगत कराया और प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया
प्रधानमंत्री के सात लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर करीब 45 मिनट तक चली इस मुलाकात में चौहान ने मोदी को अगले वर्ष 2023 में नौ जनवरी को इंदौर में होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले सात एवं आठ जनवरी को इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। बैठक में श्री चौहान ने आदिवासी वर्ग के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों को लेकर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद चौहान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को मध्य प्रदेश में चल रहे विकास के कामों और जनकल्याणकारी कामों की जानकारी दी। वह मैन ऑफ आइडियाज यानी नये विचारों एवं प्रेरणा का ह्मोत हैं। उनका मार्गदर्शन हमें मिलता रहता है। उनके सुझावों को हम क्रियान्वित करने जा रहे हैं। मुख्य रूप से जो चीजें तय हुई हैं, वह यह है कि पहले हम 4 से 6 नवंबर के बीच इन्वेस्टर्स समिट करने वाले थे। अब हम इसे जनवरी में आयोजित करेंगे।
उज्जैन में महाकाल महाराज के मंदिर परिसर बनकर तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में महाकाल महाराज के मंदिर परिसर बनकर तैयार है। यह अपने आप में अछ्वुत है। इस परिसर में रूद, सागर सरोवर, शिव स्तंभ, सप्त ऋषि स्थल, कमल-कुंड, नवग्रह वाटिका है, जिनका लोकार्पण हम उनके हाथों संपन्न कराना चाहते हैं। शिवकथा को चित्रित करने का काम हुआ है। यह अपने आप में अछ्वुत है। प्रधानमंत्री जी से निवेदन किया कि इसका लोकार्पण उनके हाथों से संपन्न हो जिस पर उनकी सहमति मिल गयी है। वे इस परिसर को लोकार्पित करेंगे।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्टार्टअप बड़ तेजी से उभर रहे हैं। राज्य सरकार ने अपनी स्टार्टअप की पॉलिसी बनाई है। उसको हम लॉन्च करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने उसके लिए भी मई में हमको वर्चुअली जुड़ने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण तथा एनपीसीआई के साथ विशेषज्ञ परामर्श कर मध्य प्रदेश में ई-रुपी का उपयोग प्रारंभ किया गया है।
कृषि उपकरण खरीद के लिए ई-रुपी का उपयोग किया जाएगा
विभिन्न शासकीय योजनाओं में कृषि उपकरण खरीद के लिए ई-रुपी का उपयोग किया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा हर साल 5.75 लाख छात्रों को साइकिल खरीदने हेतु 200 करोड़ की राशि का वितरण होता है। ई-रुपी के माध्यम से साइकिल वितरण हेतु राशि वितरण भोपाल तथा इंदौर जिले में की जाएगी। इसके लिए 2022-23 में पायलट योजना का क्रियान्वयन होगा। इसमें 9250 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में दो करोड़ 70 लाख कार्ड के साथ 96 प्रतिशत पात्र परिवारों को कवर करने, 11 हजार से अधिक हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर खोलने के लक्ष्य, पीएम स्वनिधि योजना से पांच लाख 11 हजार रेहड़ पटरी विक्रेताओं को 511 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराने, इंदौर में गोबरधन संयंत्र की स्थापना, राज्य में कृषि अवसंरचना निधि के उपयोग, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के क्रियान्वयन के बारे में भी जानकारी दी।


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