कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उन्हें याद करते हुए एक बार फिर से मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है।बता दें सोनिया गांधी ने कहा कि आज सरकार एक अभियान के तहत संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग और नष्ट करने के साथ ही न्यायपालिका के ऊपर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया।

14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर टेलीग्राफ में लिखे एक लेख में सोनिया गांधी ने कहा है कि, “आज बाबासाहेब की विरासत का सम्मान करते हुए, हमें उनकी दूरदर्शी चेतावनी को याद रखना चाहिए कि संविधान की सफलता उन लोगों के आचरण पर निर्भर करती है जिन्हें शासन करने का कर्तव्य सौंपा गया है। आज सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग और उसे नष्ट कर रही है।स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय की नींव को कमजोर किया जा रहा है.”उन्होंने आगे लिखा, लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय उन्हें परेशान करने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से स्वतंत्रता को खतरा पैदा हो गया है. हर क्षेत्र में चुने हुए दोस्तों के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार से समानता पर हमला किया जाता है।

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने लिखा, “आज असली ‘देश विरोधी’ वे हैं जो धर्म, जाति और लिंग के आधार पर भारतीयों को एक दूसरे के खिलाफ विभाजित करने के लिए अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रहे हैं.”सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की चुनौतियों ने नया रूप ले लिया है।1991 में कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों ने समृद्धि में वृद्धि की है, लेकिन अब हम बढ़ती आर्थिक असमानता को देख रहे हैं।अर्थव्यवस्था में कुप्रबंधन बढ़ रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों का अंधाधुंध निजीकरण भी आरक्षण को कम कर रहा है।


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