प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में विस्तार करने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार इसी हफ्ते किया जाएगा। पीएम मोदी इसे लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चर्चा कर चुके हैं।
मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार सात जुलाई या उसके बाद के दो-तीन दिनों के भीतर हो सकता है। संतोषजनक काम न करने वाले मंत्रियों को हटाया जा सकता है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार के कई मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। मोदी सरकार-2 के गठन को दो साल से अधिक समय बाद होने जा रहे मंत्रिमंडल विस्तार पर पांच राज्यों में चुनाव को देखते हुए वहां के जातिगत और राजनीतिक समीकरण की छाप भी नजर आ सकती है।
सूत्रों की मानें तो मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार में एनडीए की गठबंधन सहयोगी जनता दल यूनाइटेड और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के पारस गुट के नेताओं को भी जगह दी जा सकती है। पीएम मोदी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ कई दौर की बैठक कर चर्चा कर चुके हैं।
6 जुलाई को भी पीएम की पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक होनी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रियों के नाम पर फाइनल मुहर लग सकती है।
इन्हें बनाया जा सकता है मंत्री
सूत्रों के अनुसार जिन लोगों को मंत्रिपरिषद के भावी फेरबदल और विस्तार में शामिल किया जा सकता है, उनमें असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, बैजयंत पांडा, राकेश सिंह, नारायण राणे, हिना गावित, संध्या राय, सुनीता दुग्गल, जदयू नेता आरसीपी सिंह, ललन सिंह व संतोष कुमार आदि के नाम चर्चा में है।


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