थरूर ने सौर ऊर्जा पहल के संक्षिप्त रूप ‘ओसोवोग’ पर ली चुटकी, कहा- हम जैसों का अपमान करने का शब्द है ‘वोग’

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शशि थरूर ने भारत-ब्रिटेन नीत सौर ऊर्जा पहल के संक्षिप्त रूप ‘ओसोवोग’ (ओएसओडब्ल्यूओजी) पर चुटकी लेते हुए कहा कि ‘वोग’ हम जैसे ‘विली ओरिएंटल जेंटलमैन’ का अपमान करने वाला शब्द है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भारत-ब्रिटेन नीत सौर ऊर्जा पहल के संक्षिप्त रूप ‘ओसोवोग’ (ओएसओडब्ल्यूओजी) पर चुटकी लेते हुए कहा कि ‘वोग’ हम जैसे ‘विली ओरिएंटल जेंटलमैन’ का अपमान करने वाला ब्रिटिश शब्द है। भारत ने ग्लासगो में सीओपी-26 जलवायु शिखर सम्मेलन में ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’ (ओएसओडब्ल्यूओजी) का आह्वान किया, जिसका लक्ष्य जहां सूर्य की रोशनी है वहां सौर ऊर्जा का दोहन करना और उस संचित ऊर्जा की आपूर्ति वहां करना, जहां उसकी सर्वाधिक जरुरत हो।’’
ओसोवोग को लेकर कांग्रेस नेता थरूर ने किया ट्वीट 
थरूर ने ट्वीट किया,‘‘यकीन नहीं होता है कि ब्रिटेन-भारत की नयी पहल ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ (एक सूर्य, एक दुनिया, एक ग्रिड) का संक्षिप्त रूप ओसोवोग है।’’ पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने लिखा, ‘‘वोग हम जैसे विली ओरिएंटल जेंटलमैन का अपमान करने का शब्द है। और ‘ओह सो वोग।’ यह बहुत भद्दा लगता है। इसका सपना प्रधानमंत्री कार्यालय में सिर्फ कोई कच्चे कान वाला व्यक्ति ही देख सकता है।’’

ओसोवोग पर मोदी ने दिया यह बयान
मरियम वेबस्टर शब्दकोश के अनुसार, वोग शब्द का उपयोग ‘अश्वेत विदेशियों और खास तौर से पश्चिम एशिया या सुदूर पूर्व से आने वालों का अपमान करने के लिए किया जाता है।’’ बता दें कि ग्लास्गो में पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, ‘जितनी ऊर्जा पूरी मानव जाति पूरे साल भर में उपयोग करती है, उतनी ऊर्जा सूर्य एक घंटे में धरती को देता है’।  ‘वन सन, वन वर्ल्‍ड, वन ग्रिड’ दुनिया के लिए जरूरी, इससे क्‍लीन एनर्जी मिल पाएगी।  उन्होंने कहा, कार्बन फुटप्रिंट और ऊर्जा की लागत कम होगी, देशों के बीच सहयोग का मार्ग खुलेगा। 

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