भारत समेत आज दुनिया के लगभग सभी देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहे हैं। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया है।
इसबीच सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अप्रैल महीन के मध्य से देश में आपातकाल की घोषणा हो सकती है और इस आपातकाल के दौरान अप्रैल माह में सेना प्रशासन की सहायता के लिए पूर्व सैनिकों और एनसीस कैडेट्स की भर्ती करेगी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज को सेना ने पूरी तरह से खंडन किया और कहा कि यह सब फेक मैसेज है, देश में ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है।
सेना के अधिकारियों ने यह भी कहा कि कोरोना वायरस के मद्देनजर सेवानिवृत कर्मियों, नेशनल कैडेट कोर और राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत पंजीकृत स्वंयसेवकों की मदद लेने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। सेना के जन सूचना विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजीपीआई) ने ट्वीट किया, ”सोशल मीडिया पर अप्रैल के मध्य में देश में आपातकाल लगाने और नागरिक प्रशासन में मदद के लिये भारतीय सेना के सेवानिवृत्त कर्मियों, एनसीसी और एनएसएस की सहायता लेने के फर्जी और दुर्भावनापूर्ण संदेश फैलाये जा रहे हैं। ” एडीजीपीआई ने ट्वीट किया, ”स्पष्ट किया जाता है कि यह पूरी तरह फर्जी हैं।”
बताते चले कि देश में सोमवार को कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1071 तक पहुंच गई है और 29 लोगों की मौत हो चुकी है।


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