राज्यसभा के पिछले दिनों दिवंगत हुए वर्तमान सदस्य डॉ. रघुनाथ महापात्र एवं राजीव सातव के सम्मान में उच्च सदन की बैठक सोमवार को एक घंटे के लिए दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गयी है। वहीं तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजकर 35 मिनट पर दोपहर दो बजे तक स्थगित हुई।
लोकसभा में हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “मैं सोच रहा था कि सदन में आज उत्साह का माहौल होगा, क्योंकि बड़ी मात्रा में हमारी महिला सांसद मंत्री बनी हैं, बहुत बड़ी मात्रा में हमारे दलित भाई मंत्री बने हैं, हमारे आदिवासी साथी बड़ी मात्रा में मंत्री बने हैं। इस बात की सबको खुशी होनी चाहिए थी।”
उन्होंने कहा कि किसान परिवारों से आने वाले, ग्रामीण परिवेश से आने वाले सांसद बड़ी मात्रा में मंत्री बने हैं, उनका स्वागत करने का आनंद होना चाहिए था। लेकिन शायद देश की महिला, आदिवासी, ओबीसी, किसानों के बेटे मंत्री बने, ये बात कुछ लोगों को रास नहीं आती, इसलिए वो उनका परिचय तक नहीं होने देते है। प्रधानमंत्री ने कहा, “नवनियुक्त मंत्रियों को लोकसभा में परिचित समझा जाये।”
हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नहीं करा पाये नये मंत्रियों का परिचय
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी मंत्रिपरिषद में शामिल नये मंत्रियों का सदन में औपचारिक रूप से परिचय नहीं करा पाये और उन्हें मंत्रियों के परिचय के दस्तावेज सदन के पटल पर रखने पड़े। सदन में 11 कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले राष्ट्रगान हुआ और फिर नये नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलायी गयी। इसके पश्चात अध्यक्ष ओम बिरला ने नये मंत्रियों का सदन से परिचय कराने के लिए प्रधानमंत्री को पुकारा। लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
स्पीकर ने की सदन की गरिमा एवं परंपरा बनाए रखने की अपील
तीन कृषि कानूनों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर हो रहे शोरशराबे के बीच अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से आग्रह किया कि सदन की गरिमा एवं परंपरा उच्च रही है। इसे ना तोड़े, परंपरा की गरिमा कम नहीं करें। संसदीय कार्य मंत्री ने प्रल्हाद जोशी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नये मंत्रियों का परिचय कराना चाहते हैं। बिरला ने विपक्षी सदस्यों के व्यवहार पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिल्कुल अनुचित हैं। नये मंत्रियों की सूची को सदन के पटल पर रख सकते हैं।
अपने 24 वर्षों के संसदीय जीवन में पहली बार ऐसा देखा, कांग्रेस का यह आचरण दुर्भाग्यपूर्ण : राजनाथ
सदन के उपनेता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “यह सदन की स्वस्थ परंपरा रही है कि सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रधानमंत्री अपने मंत्रिपरिषद के नये सदस्यों का परिचय कराते हैं और पूरा सदन प्रधानमंत्री की बात सुनता है। सदन मंत्रिपरिषद से परिचित होता है। मैंने अपने 24 वर्षों के संसदीय जीवन में पहली बार ऐसा देखा है कि ये स्वस्थ परंपरा तोड़ी गयी है। कांग्रेस का यह आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है।”


Download Android App
Download iOS App



