उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कल यानि शुक्रवार को दिल्ली से देहरादून लौटने के बाद राज्यपाल से भेंटकर इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री ने संवैधानिक संकट का हवाला देते हुए राज्यपाल को इस्तीफा दिया। मुख्यमंत्री के इस्तीफे देने के बाद पार्टियों के बयान सामने आने लगे है। शनिवार को कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रोज बदलने वाली मुख्यमंत्रियों की कुर्सियां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा )के नेतृत्व की विफलता का रोजमर्रा का उदाहरण बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जी जिम्मेदार हैं। ये उत्तराखंड में पहली बार नहीं हुआ इससे पहले भी भाजपा ने 3 मुख्यमंत्री बदले थे।
इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उनके इस्तीफा देने का मुख्य कारण संवैधानिक संकट था, जिसमें निर्वाचन आयोग के लिए चुनाव कराना मुश्किल था। उन्होंने कहा, ‘‘संवैधानिक संकट की परिस्थितियों को देखते हुए मैंने अपना इस्तीफा देना उचित समझा।’’ रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अपने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने उन्हें उच्च पदों पर सेवा करने का मौका दिया। पौड़ी से लोकसभा सदस्य रावत ने इस वर्ष 10 मार्च को मुख्यमंत्री का पद संभाला था और संवैधानिक बाध्यता के तहत उन्हें छह माह के भीतर यानी 10 सितंबर से पहले विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना था


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