कृषि कानून के विरोध में किसानों का प्रदर्शन जारी है। एक बार फिर प्रदर्शन को गति देने में किसान सभा जुटी है। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 26 तारीख को लोग हर राज्य में राज्यपाल या उपराज्यपाल के यहां जाएंगे। उनको ज्ञापन देंगे और मिलेंगे। करोना है तो 5-6 लोग जाएंगे। अगर सरकार नहीं सुन रही है तो राज्यपाल और राष्ट्रपति बड़े होते हैं। हम राज्यपाल के माध्यम से अपनी बात कहेंगे।
राकेश टिकैत ने आंदोलन को तेज करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि ‘सरकार मानने वाली नहीं है। इलाज तो करना पड़ेगा।’ उन्होंने किसानों से कहा कि ट्रैक्टरों के साथ अपनी तैयारी रखो। जमीन बचाने के लिए आंदोलन तेज करना होगा।वहीं अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर श्रीगंगानगर जिले में तीनों कृषि कानूनों सहित कोविड काल में मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 26 जून को प्रर्दशन किया जायेगा।
यह निर्णय आज स्थानीय पंचायती धर्मशाला में अखिल भारतीय किसान सभा की जिला बैठक में लिया गया। बैठक में किसान सभा ने तीनों कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन को तेज करने, अतिरिक्त संगठन विस्तार व सदस्यता अभियान पर प्रमुखता से चर्चा की गई।
बैठक के बाद इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) में सिंचाई सुविधा अतिशीघ, शुरु करने, गंगनहर(बीकानेर) में पूरा सिंचाई पानी देने, पंजाब से राजस्थान की नहरों में जहरीले पानी की रोकथाम, पेट्रोल-डीजल के मूल्य कम करने, सभी पटवार हलकों में पटवारियों की नियुक्ति सहित मांगों को लेकर किसान सभा का प्रतिनिधि मंडल पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर से मिला।


Download Android App
Download iOS App



