मेरा बयान द्रोपदी मुर्मू जी के लिऐ निजी है,कांग्रेस पार्टी का नही है।मुर्मू जी को उम्मीदवार बनाया व वोट मांगा आदीवासी के नाम से।राष्ट्रपति बनने से क्या आदिवासी नही रहीं? देश की राष्ट्रपती हैं तो आदिवासी की प्रतिनिधि भी। रोना आता है जब एससी/एसटी के नाम से पद पर जाते हैं फिर चुप।
— Dr. Udit Raj (@Dr_Uditraj) October 6, 2022
उन्होंने आगे लिखा, “द्रौपदी मुर्मू जी से कोई दुबे, तिवारी, अग्रवाल, गोयल, राजपूत मेरे जैसा सवाल करता तो पद की गरिमा गिरती। हम दलित – आदिवासी आलोचना करेगें और इनके लिए लड़ेंगे भी। हमारे प्रतिनिधि बनकर जाते हैं फिर गूंगे-बहरे बन जाते हैं। बीजेपी ने मेरा सम्मान किया, जब एससी/एसटी की बात की तो बुरा हो गया।
द्रौपदी मुर्मू जी जैसा राष्ट्रपति किसी देश को न मिले। चमचागिरी की भी हद्द है । कहती हैं 70% लोग गुजरात का नमक खाते हैं । खुद नमक खाकर ज़िंदगी जिएँ तो पता लगेगा।
— Dr. Udit Raj (@Dr_Uditraj) October 5, 2022
उदित राज के इस बयान पर बीजेपी बुरी तरह भड़क गई है। बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता उदित राज द्वारा राष्ट्रपति मुर्मू के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द चिंताजनक, दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने भी ऐसा ही किया था। कांग्रेस नेताओं के यह बयान उनकी आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।


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