देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के साथ तीसरी लहर कि शुरुआत हो चुकी है, दैनिक मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं कई एक्सपर्ट्स की राय माने तो जनवरी अंत से फरवरी तक तीसरी लहर पिक पर रहेगी। इस कड़ी में कानपुर आईआईटी के प्रोफेसर डॉ मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना से स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, लेकिन इसमें सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 15 जनवरी के आसपास महामारी की तीसरी लहर चरम पर हो सकती है।
हर दिन 4 से 8 लाख कोरोना के मामले सामने की आशंका
प्रोफेसर के मुताबिक इस दौरान देश में रोजाना कोरोना के 35 से 70 हजार मामले सामने आएंगे। वहीं पीक के दौरान अस्पतालों को 12,000 से ज्यादा बेड की जरूरत होगी। मीडिया से बात करते हुए प्रोफेसर अग्रवाल ने कोरोना से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए हैं। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में हर दिन 4 से 8 लाख कोरोना के मामले सामने आएंगे। उन्होंने दावा किया कि इलाज के दौरान अस्पतालों में बिस्तरों की भी कमी होगी, इसलिए केंद्र और सभी राज्य सरकारों को उचित कोरोना प्रबंधन और योजना की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि ओमीक्रॉन के चरम के दौरान अस्पतालों को 1.5 लाख बेड्स की आवश्यकता हो सकती है।
भारत के लिए तीसरी लहर की पिक की भविष्यवाणी करना बेहद मुश्किल
प्रोफेसर अग्रवाल ने आगे कहा कि ओमीक्रॉन की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका से हुई थी, उनके आंकड़ों पर आधारित हमारे पहले के अनुमानों और अभी के अनुमानों में काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के आंकड़े हमारे देश से काफी अलग हैं। समय के साथ हम नए ओमीक्रॉन वेरिएंट को लेकर अपने अनुमानों को और सटीक बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत के लिए भविष्यवाणी करना बेहद मुश्किल है। हमारा अनुमान है कि तीसरी लहर जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी की शुरुआत में चरम पर हो सकती है। इस दौरान रोजाना 4 से 8 लाख मामले सामने आएंगे।


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