मायावती की भतीजी ने अपने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न, रेप की कोशिश और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए कोर्ट का सहारा लिया। बसपा ने आरोपी नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया है।
बसपा मुखिया मायावती की भतीजी ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपी दहेज में 50 लाख रुपये और महंगे फ्लैट की डिमांड कर रहे थे। दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक मायावती की भतीजी के जेठ व ससुर पर रेप की कोशिश और पिटाई का भी आरोप लगाया है।
पुलिस नहीं की कोई कार्रवाई
बता दें कि पिछले कई दिनों से बसपा मुखिया मायावती की भतीजी दहेज़ प्रथा को लेकर परेशान चल रही है। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए यह भी खुलासा किया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं करती थी, इसलिए कोर्ट का सहारा लेने के बाद यह मुकदमा दर्ज हुआ है। मामला दर्ज होने के बाद BSP जिलाध्यक्ष डॉ. एके कर्दम ने आरोपी दंपती व उनके बेटे को पार्टी से बाहर कर दिया है।
पति शारीरिक रूप से कमजोर
मायावती की भतीजी की तरफ से उनके वकील राजीव शर्मा ने कहा कि पीड़िता के ससुराल वालों ने मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से लगातार प्रताड़ित किया. इतना ही नहीं पीड़िता ने आगे आरोप लगाया है कि उसका पति बॉडीबिल्डिंग के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल करता है, जिसकी वजह से वह शादीशुदा ज़िंदगी के लिए शारीरिक रूप से अयोग्य हो गया है। जब उसने इस बारे में सवाल किया तो उसके ससुराल वालों ने उसे चुप रहने को कहा।
सास ने देवर से रिश्ता बनाने को कहा
पीड़िता ने ससुराल वालों को लेकर आगे कहा मेरी सास और ननद का कहना था कि अपने देवर भूपेंद्र से बच्चा कर लों। इस अमानवीय और अपमानजनक सुझाव के बाद मेरे साथ एक रात को भयावह घटना हुई। मुकदमा में दर्ज बयान के मुताबिक, उस रात को पीड़िता के साथ ससुर और देवर ने रेप की कोशिश की। दहेज की डिमांड पूरा नहीं होने पर इज्जत बर्बाद करने की धमकी भी दी।
10 अप्रैल को केस दर्ज
कोर्ट के आदेश के बाद 10 अप्रैल को हापुड़ नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई। एसएचओ मुनीश प्रताप सिंह ने बताया कि बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इस मामले के बाद बसपा ने भी कार्रवाई करते हुए आरोपी नेता को अपने पार्टी से बाहर निकाल दिया है।
Deputy CM KP Maurya का दावा: अखिलेश के शासन में दलितों पर अत्याचार बढ़े


Download Android App
Download iOS App



