उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी का सिर काटने वाले को कथित रूप से 11 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा करने वाले वकील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कुरान से ऐसी 26 आयतों को हटाने की मांग की है, जो उनके मुताबिक ‘आतंकवाद और जिहाद को बढ़ावा देने वाले हैं।’
इस पर जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमीरुल हसन जैदी ने रिजवी की इस मांग को समुदाय के धार्मिक विश्वास को ठेस पहुंचाने वाला बताया है। साथ ही हसन ने 13 मार्च को सिविल लाइन इलाके के आईएमए हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में रिजवी का सिर लाने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा कर डाली। उनके इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके खिलाफ मामला दायर किया गया है।
हसन के इस ‘आपत्तिजनक’ भाषण का संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (2) और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला सब-इंस्पेक्टर कपिल कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया है। मुरादाबाद के एएसपी अमित कुमार आनंद ने कहा कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस को अभी हसन का बयान दर्ज करना है। साथ ही उनके भाषण की सीडी भी फॉरेंसिंक साइंस लेबोरेटी में जांच के लिए भेजी जाएगी। बता दें कि रिजवी द्वारा जनहित याचिका दायर करने के बाद से ही उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।


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