9 सूत्रीय मांगों को लेकर सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संचालकों का प्रदर्शन, विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध

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Agra News: आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बुधवार को सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कॉलेज संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की। संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को लेकर पहले हुई बैठकों में आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन एडवोकेट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कॉलेज संचालक विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे। उन्होंने कुलपति डॉ. आशु रानी से मुलाकात कर अपनी मांगें रखने…

Agra News: आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में बुधवार को सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कॉलेज संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की। संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को लेकर पहले हुई बैठकों में आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन एडवोकेट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कॉलेज संचालक विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे। उन्होंने कुलपति डॉ. आशु रानी से मुलाकात कर अपनी मांगें रखने का प्रयास किया, लेकिन कुलपति के उपलब्ध न होने पर उन्होंने कुलसचिव (रजिस्ट्रार) अजय मिश्रा को कुलपति के नाम ज्ञापन सौंप दिया। इस दौरान अध्यक्ष ने ज्ञापन में शामिल सभी मांगों को विस्तार से पढ़कर सुनाया।

Agra News: विषय विस्तार शुल्क में राहत की मांग

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संगठन ने मांग की कि कॉलेजों पर लगाए जा रहे विषय विस्तार शुल्क की पेनल्टी कम की जाए। उनका कहना है कि स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों के लिए यह शुल्क अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति कॉलेज रखा जाए, जबकि स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के लिए इसे पूरी तरह समाप्त किया जाए। उन्होंने दावा किया कि इस विषय पर पहले भी कुलपति के साथ चर्चा हो चुकी है और सहमति भी बनी थी।

वेब रजिस्ट्रेशन शुल्क कम करने की मांग

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कॉलेज संचालकों ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी कॉलेजों के नाम वेब रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर प्रदर्शित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे छात्र अपने नजदीकी और सुविधाजनक कॉलेज का चयन आसानी से कर सकेंगे। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा वेब रजिस्ट्रेशन के लिए लिए जा रहे 400 रुपये शुल्क को कम कर 200 रुपये करने की मांग भी उठाई गई। उन्होंने कहा कि अन्य विश्वविद्यालयों में यह शुल्क कम है, इसलिए यहां भी इसे घटाया जाना चाहिए।

प्रायोगिक परीक्षाओं में सुधार की मांग

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एसोसिएशन ने बीएड, बीएससी एग्रीकल्चर और एलएलबी की प्रायोगिक परीक्षाओं में स्थानीय शिक्षकों को भी शामिल करने की मांग की। उनका कहना है कि बाहर से आने वाले परीक्षक कई बार अतिरिक्त खर्च की मांग करते हैं, जिससे कॉलेज और छात्रों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इसके अलावा संगठन ने इन पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं वर्षवार कराने और सेमेस्टर प्रणाली को समाप्त करने की भी मांग की। उनका कहना है कि प्रदेश के कई विश्वविद्यालय पहले ही इस व्यवस्था को समाप्त कर चुके हैं।

परीक्षा व्यवस्था और डिग्री वितरण से जुड़ी मांगें

कॉलेज संचालकों ने कहा कि विश्वविद्यालय परीक्षा शुल्क पहले ही जमा करा लेता है, इसलिए परीक्षा से जुड़े श्रम शुल्क और अन्य खर्च भी समय से संस्थानों को दिए जाने चाहिए। उन्होंने पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग की, जिसके तहत नोडल केंद्रों से प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं सीधे कॉलेजों तक पहुंचाई जाती थीं।

संगठन ने यह भी कहा कि प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान शिक्षकों के बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज मांगने की प्रक्रिया समाप्त की जाए, क्योंकि संबंधित जानकारी पहले से विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध रहती है। इसके साथ ही बीएड और अन्य पाठ्यक्रमों की लंबित डिग्रियां भी सरल प्रक्रिया के तहत कॉलेजों को उपलब्ध कराने की मांग की गई।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

एसोसिएशन अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह का भी विरोध किया जाएगा।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।