उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को एक बार फिर भाजपा सरकार पर सख्त रूख अपनाते हुए जुबानी हमला किया। अखिलेश ने कोरोना का टीका न लगवाने को लेकर अपना स्पष्टीकरण दिया और साथ ही उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों पर भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लेकर भविष्यवाणी कर दी।
अखिलेश यादव ने कहा कि मैंने शुरुआत में वैक्सीन लेने से इसलिए इनकार किया था क्योंकि तब उसके ट्रायल पूरे नहीं हुए थे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह तब कोरोना का टीका लेंगे, जब प्रदेश के सभी गरीब लोगों को सरकार की ओर से मुफ्त की वैक्सीन लग जाएगी। वहीं बीजेपी पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘बीजेपी यूपी के विधानसभा चुनावों में हारने वाली है। यूपी में लीडरशिप के सबसे इम्तिहान में वे फेल रहे हैं। सरकार अब भी कोरोना से मौतों के वास्तविक आंकड़ों को छिपा रही है।’
अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी की जनता बदलाव चाहती है और योगी सरकार को जाना ही होगा। अखिलेश ने आगामी विधानसभा चुनावों में गठबंधन को लेकर भी अपनी बात कही। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी चुनाव में अपनी विचारधारा से जुड़े दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, लेकिन बड़े दलों के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा।
सपा नेता ने मायावती या बीएसपी का जिक्र किए बिना ही कहा, ‘बड़े दलों के साथ हमारा अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा है। अब हम ऐसी पार्टियों के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 403 सीटों में से 300 पर जीत का लक्ष्य तय किया है। यूपी में अगले साल ही चुनाव होने वाले हैं और कुछ महीनों का ही वक्त बचा है।
समाजवादी पार्टी के जमीन पर न दिखने के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसा नहीं है, हम लोग पूरी तरह से एक्टिव हैं। अखिलेश ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में हम ट्रेनिंग कैंप्स का आयोजन कर रहे हैं। किसानों ने जब अपने आंदोलन की शुरुआत की थी तो हमारे वर्कर्स ने उन्हें सहयोग किया था। मैं खुद भी कन्नौज जाना चाहता था, लेकिन मुझे घर से भी निकलने की परमिशन नहीं दी गई। आप वह नहीं दिखा सकते, जो बीजेपी प्रोजेक्ट करना चाहती है।


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