भाजपा के साथ मिलकर काम करने के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव ने पलटवार किया है। अखिलेश ने फिरोजाबाद में सपा-बसपा-रालोद की संयुक्त रैली में शिवपाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह रात में भाजपा के नेताओं से मिलते हैं और उन्हीं के सहारे अपनी राजनैतिक लड़ाई लड़ना चाहते हैं।
इस पर शिवपाल ने जवाब देते हुए एक बयान में कहा ”मुझ पर सवाल खड़ा करने वाले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष यह बताएं कि आखिर किसके इशारे पर प्रोफेसर (सपा प्रमुख महासचिव राम गोपाल यादव) द्वारा अवैध सभा बुलाकर नेताजी (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव) को अपमानित कर राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी से हटाया गया था। क्या इसके लिए भाजपा ने कहा था?”
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उन्होंने कहा ”मेरा तो आजीवन साम्प्रदायिकता के विरुद्ध संघर्ष का इतिहास रहा है, लेकिन आप यह बताएं कि बसपा प्रमुख मायावती का इतिहास क्या रहा है? मायावती हमेशा की तरह इस बार भी वोट लेकर चुनाव बाद भाजपा से हाथ मिला लेंगी।” शिवपाल ने कहा कि फ़िरोज़ाबाद की जनता के पास नेताजी के अपमान का बदला लेने का यह स्वर्णिम मौका है। आगामी 23 मई को जनता बहुत से सवालों के जवाब दे देगी।
मालूम हो कि अखिलेश ने शनिवार को फिरोजाबाद से सपा प्रत्याशी अक्षय यादव के खिलाफ चुनाव लड़ रहे अपने चाचा प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा ”फिरोजाबाद से चुनाव लड़ने वाले एक नेता कह रहे हैं कि हमने उनको घर से निकाल दिया। सचाई यह है कि वह भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। वह रात में भाजपा के नेताओं से मिलते हैं और उन्हीं के सहारे अपनी राजनैतिक लड़ाई लड़ना चाहते हैं।’’ गौरतलब है कि सपा से अलग होकर नई पार्टी बना चुके शिवपाल अब भी जसवंतनगर सीट से सपा के विधायक हैं।


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