मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दर्शन-पूजन किया। इससे पहले उन्होंने हनुमानगढ़ मंदिर में जाकर मत्था टेका। सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर का फैसला आने के बाद अमित शाह का यह पहला अयोध्या दौरा था। सुबह साढ़े दस बजे पहुंच कर अमित शाह ने हनुमानगढ़ी में पूजा अर्चना के बाद रामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दर्शन कर विधिवत पूजन किया। इसके बाद उन्होंने रामजन्मभूमि पर निर्माणाधीन भव्य मंदिर का भी बड़ी बारीकी से निरीक्षण किया।
मंदिर निर्माण समिति के कई सदस्य रहे उपस्थित
इस दौरान रामजन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने शाह को मंदिर निर्माण की जानकारी दी। इस अवसर पर रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा, रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा, मोहन प्रताप मिश्रा, निर्मोही अखाड़ा के महंत एवं सदस्य दिनेन्द्र तथा सदस्य एवं जिलाधिकारी नितीश कुमार भी मौजूद थे।
महंत नृत्यगोपाल दास का लिया आशीर्वद
इसके बाद अमित शाह ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास के निवास पर जा करके उनसे भेंट की। नृत्यगोपाल दास पिछले कुछ समय से बीमारी के बाद अब स्वास्थ्यलाभ कर रहे हैं। शाह ने उनका हालचाल लिया और उनसे आशीर्वाद भी प्राप्त किया। अमित शाह ने आज अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद एक जनसभा को भी संबोधित किया।
अमित शाह ने विपक्ष पर साधा निशाना
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि रामलला के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण के लिए इस भूमि पर सैलून तक संघर्ष हुआ कई लोगों ने राम के लिए बलिदान दिए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने राम मंदिर निर्माण का कार्य रोकने के अथक प्रयास किये लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि कारसेवकों और रामसेवकों पर गोली चलाने वालों आज रामलला का मंदिर जोर-शोर से बन रहा है। किसी में दम हो और रोक सको तो रोक लो। हम जानते हैं इतने सालों तक रामलला को टेंट में क्यों रहना पड़ा और रामभक्तों पर गोलियां किसने चलवाई। हमे सब याद है।


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