Ayodhya: अगले साल जनवरी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा मकर संक्रांति के बाद होने वाली है। बता दें प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की पूरी व्यवस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के हाथों में होगी।जिसके लिए आज से अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समिति की दो दिवसीय बैठक होने जा रही है।बैठक में विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे. राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि दो दिनों तक देश भर में राममय माहौल बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
देश विदेश से आने वाले मेहमानों की खास व्यवस्था होगी
आपको बता दें राम मंदिर ट्रस्ट प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के शुरुआती दिनों में देश भर से लगभग 5 करोड़ लोगों को अयोध्या लाने की योजना पर काम कर रहा। चंपत राय ने कहा कि एक मंदिर से करीब 100 परिवार का जु़ड़ाव है। मंदिरों से जुड़े लोगों को आधार बनाकर रणनीति पर तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया देश के 2 लाख गांवों तक पहुंचना चुनौती है। सूत्रों के मुताबिक, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश विदेश से आने वाले मेहमानों की खास व्यवस्था होगी।
प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या बदली-बदली नजर आएगी
दरअसल, मेहमानों को ठहराने के लिए कुंभ की तर्ज पर हाईटेक सुविधाओं से लैस टेंट सिटी का निर्माण हो रहा है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पीएम मोदी समेत देश विदेश के तमाम संत धर्म आचार्य माजूद रहेंगे। राम मंदिर मामले की सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय तक पैरवी करनेवाले वरिष्ठ वकीलकेशव परासरण को भी न्योता भेजा गया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या बदली-बदली नजर आएगी।


Download Android App
Download iOS App



