कोरोना वायरस (कोविड-19) लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को उनके सुरक्षित गंतव्य तक ले जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1000 बसों की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने परिवहन अधिकारियों, बस ड्राइवरों और कंडक्टरों के साथ शुक्रवार की रात बैठक की ताकि सभी व्यवस्थाओं की जांच की जा सकें। प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि मुखयमंती ने दूसरे राज्यों से आए उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की पहल की।
दिल्ली और अन्य जगहों से बड़ी संख्या में लोग विशेषकर मजदूर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और अलीगढ़ जैसी जगहों पर पहुंचे थे । अधिकारी ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी ने रात भर जाग कर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ आदि इलाक़ों में 1000 से ज्यादा बसें लगाकर इनको गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था कराई ।” उन्होंने बताया कि उक्त जिलों में पहुंचे लोगों और उनके परिवार वालों विशेषकर बच्चों के लिए भोजन का इंतजाम भी कराया गया।
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उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान काम नहीं होने की वजह से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के आसपास के अन्य राज्यों में काम करने वाले उन मजदूरों का जत्था प्रदेश की सीमा से सटे जिलों में देखा जा सकता है जो पैदल ही अपने गंतव्य की ओर चल पड़ा है । ये लोग अपने घर वापस लौटना चाहते हैं। हालांकि लॉकडाउन के कारण लोगों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। इस बीच राजधानी लखनऊ के चारबाग बस स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों की पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मदद की।
अधिकारी ने बताया कि लखनऊ के चारबाग से यात्रियों की सुविधा के लिये बस की व्यवस्था की गई है ताकि हर कोई अपने गंतव्य तक पहुंच सके। बता दें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे लोगों को उनके सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने का सरकार समुचित बंदोबस्त करेगी जो काम-काज के चलते अपने गांव-घर छोड़कर दूसरे शहरों में प्रवास पर हैं।


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