उत्तर प्रदेश में अगले कुछ महीनों में विधानसभा के चुनाव है। ऐसे मेें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने रविवार को दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी, वहीं भाजपा 30 सीट का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी।
कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प बचती है
लल्लू ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की अगुवाई वाली पार्टी की दिलचस्पी केवल चुनाव लड़ने में है और जनता के मुद्दों पर मैदान पर संघर्ष करने में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वजह से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प बचती है।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ने दोहराया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश चुनाव में सपा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन नहीं करेगी, लेकिन राज्य में छोटे दलों के लिए उसके दरवाजे खुल रहेंगे।
अन्य दलों द्वारा घोषित गठजोड़ में बदलाव हो सकते हैं
संभावित गठबंधन को लेकर कांग्रेस किन दलों से बातचीत कर रही है, इस प्रश्न पर लल्लू ने कहा कि राजनीति में सबकुछ सार्वजनिक नहीं किया जा सकता और अन्य दलों द्वारा घोषित गठजोड़ में बदलाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ समय इंतजार कीजिए, आपको कई चीजें होती दिखेंगी। छोटे-छोटे गठबंधन बनाने वाले अनेक दल अपने गठजोड़ों को बदल सकते हैं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘कांग्रेस वास्तविक उद्देश्यों के लिए संघर्ष कर रही है। सपा और भाजपा नूरा-कुश्ती कर रही हैं जो खत्म हो जाएगी।’’
जनता महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सवाल पूछेगी
कांग्रेस, सपा और बसपा के साथ में आने पर भी भाजपा को नहीं हरा पाने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खबरों में आये बयान पर लल्लू ने दावा किया कि भाजपा 30 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘जब आदर्श आचार संहिता लग जाएगी तो भाजपा नेताओं को वोट मांगने तो निकलने दीजिए। फिर देखिए क्या होता है। जनता महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सवाल पूछेगी।’’
भाजपा ने 312 सीटें जीतकर जबरदस्त बहुमत हासिल किया था।
पिछले विधानसभा चुनाव (2017) में राज्य में कांग्रेस को केवल सात सीटें मिली थीं। तब उसका सपा से गठबंधन था, जिसे 403 सदस्यीय विधानसभा में केवल 47 सीटों से संतोष करना पड़ा था और बसपा के खाते में महज 19 विधानसभा सीटें आई थीं। वहीं, भाजपा ने 312 सीटें जीतकर जबरदस्त बहुमत हासिल किया था।
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लल्लू ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम में कांग्रेस सभी को चौंका देगी। उन्होंने कहा कि जनता उत्साहित है तथा वह सभी दलों को एक मौका देने के बाद इस बार कांग्रेस को आशीर्वाद देगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ‘स्पष्ट बहुमत’ हासिल करेगी।
कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर संघर्ष कर रही है
उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से गरीबों, युवाओं और किसानों के बीच कांग्रेस उभरी है, जिस तरह से वह महिला सुरक्षा, कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर संघर्ष कर रही है और उसने जो नौ वादे किये हैं, उनसे उत्तर प्रदेश में बयार बदलती हुई दिख रही है और कांग्रेस को मुख्य चुनौती देने वाली पार्टी माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में शत प्रतिशत कांग्रेस सरकार बनाएगी।’’ सपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य नेता चुनाव प्रचार के लिए बाहर निकल रहे हैं और जनता के मुद्दों पर संघर्ष नहीं कर रहे। किसान आपसे (सपा से) जानना चाहते हैं कि लखीमपुर की घटना के समय आप बाहर क्यों नहीं निकले। प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ता जमीन पर संघर्ष कर रहे थे।’’
कांग्रेस को जनता का समर्थन मिल रहा है
लल्लू ने कहा कि केंद्र के विवादास्पद तीन कृषि कानून बनाये जाते समय सब कहां सो रहे थे; गेहूं, गन्ना और धान का उचित मूल्य नहीं मिलने पर वे कहां सो रहे थे। उन्होंने कहा कि ये सारी लड़ाइयां कांग्रेस ने लड़ीं। सपा के परफ्यूम लांच समारोह पर कांग्रेस नेता ने कहा कि पैसे से कुछ भी किया जा सकता है लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि जमीन पर कौन मजबूत है और कांग्रेस को जनता का समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने बसपा के संदर्भ में कहा कि उसके वोट लगातार कांग्रेस की ओर आ रहे हैं और उनकी पार्टी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं होने पर कांग्रेस की संभावनाएं कमजोर होने की धारणा पर उन्होंने कहा कि इस बारे में राष्ट्रीय नेतृत्व निर्णय लेता है। उन्होंने प्रियंका गांधी वाद्रा के नेतृत्व की तारीफ करते हुए इसे प्रदेश में पार्टी के लिए मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने कहा, ‘‘बदलाव की आंधी है, जिसका नाम प्रियंका गांधी है’’।


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