उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी के पहले पांच साल संविदा पर रखे जाने के संभावित प्रस्ताव का विपक्ष के तरफ से लगातार विरोध किया जा रहा है। इस बीच उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकारी नौकरियों में संविदा की व्यवस्था को लेकर लोग अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संविदा की जो पूर्व व्यवस्था है, उसमें ना परिवर्तन हुआ है और ना ही होने वाला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे सेवा सप्ताह के दौरान दिव्यांगों को उपकरण वितरित करने के बाद उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार न ही 50 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को सेवानिवृत्त करने जा रही है और न ही संविदा की व्यवस्था को नए तरीके से लागू करने की योजना है।
यह पूछे जाने पर कि जब ऐसी कोई योजना नहीं है तो हंगामा क्यों मचा है, इस पर मौर्य ने कहा, ‘‘विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं और वह इस तरह की चीजों को तुल देने का प्रयास कर रहा है।’’ मौर्य ने माघ मेला के आयोजन के बारे में कहा कि यह एक धार्मिक अनुष्ठान है। कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए निर्विघ्न रूप से माघ मेले का आयोजन होगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों में पहले पांच साल संविदा पर रखे जाने की योजना संभावित है हालांकि सरकार इस संबंध में अभी कोई प्रस्ताव नहीं लायी है लेकिन विपक्ष ने इस प्रस्ताव को लेकर सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) इस सिलसिले में खुल कर सरकार के सामने आ गयी है।


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