उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओमप्रकाश सिंह ने मैनपुरी जिले में फरियाद लेकर थाने पहुंचे एक व्यक्ति को यातनाएं देने के आरोपी थानाध्यक्ष और उसके स्टाफकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
राज्य पुलिस की तरफ से सोमवार को जारी एक ट्वीट में कहा गया कि डीजीपी ने मैनपुरी जिले में अपनी पत्नी के अपहरण और बलात्कार की शिकायत लेकर थाने पहुंचे एक व्यक्ति को कथित रूप से ‘थर्ड डिग्री टॉर्चर’ दिए जाने सम्बन्धी शिकायती ट्वीट का संज्ञान लिया है और थानाध्यक्ष तथा अन्य स्टाफकर्मियों के निलम्बित करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उन्हें सलाखों के पीछे भेजने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि यह घटना मैनपुरी जिले के बिछवां थाने में हुई। घटना के मुताबिक गत शुक्रवार को मैनपुरी जिले में मोटरसाइकिल सवार एक दम्पति को कार सवार तीन बदमाशों ने रोक लिया और मारपीट की। आरोप है कि बदमाशों ने पति की आंख में कोई पाउडर डाल दिया और उसकी पत्नी को अगवा कर कार में सामूहिक बलात्कार किया। बाद में वह घटनास्थल से कुछ दूरी पर बेसुध हालत में पड़ी मिली।
पति ने पुलिस हेल्पलाइन नम्बर पर फोन किया। आरोप है कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उस पर गलत शिकायत करने का आरोप लगाया और उसके साथ मारपीट की। यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी दो उंगलियां भी तोड़ डालीं।
वारदात की पीड़ित महिला बाद में किसी तरह थाने पहुंची और आपबीती सुनायी, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
आगरा जोन के पुलिस महानिरीक्षक ए सतीश गणेश के निर्देश पर इस मामले में बिछवां थानाध्यक्ष राजेश पाल सिंह तथा कॉन्स्टेबल कृष्ण वीर सिंह और छत्रपति सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास तथा एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीनों को निलम्बित कर दिया गया है।


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