चिन्मयानंद प्रकरण में कांग्रेस द्वारा सोमवार को शाहजहांपुर से लखनऊ तक पदयात्रा से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद समेत पार्टी के कई नेताओं को ‘नजरबंद’ कर दिया गया और बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार की इस ‘दमनात्मक कार्रवाई’ के खिलाफ मंगलवार को पूरे राज्य में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर ऐलान किया है।
कांग्रेस ने पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली विधि छात्रा की रंगदारी के आरोप में गिरफ्तारी और इस मामले में राज्य सरकार के ‘भेदभावपूर्ण’ रवैये के खिलाफ शाहजहांपुर से लखनऊ के बीच ‘न्याय यात्रा’ के नाम से पैदल मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रशासन ने रविवार देर रात धारा 144 लागू होने का हवाला देकर पदयात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया और सुबह पदयात्रा में जाने की तैयारी कर रहे पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और पूर्व सांसद राकेश सचान समेत कई नेताओं को उनके घर में ‘नजरबंद’ कर दिया।

प्रसाद ने आरोप लगाया कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने में जुटी है। कांग्रेस शांतिपूर्ण तरीके से पदयात्रा निकालने जा रही थी लेकिन इसके बावजूद जिला प्रशासन ने रविवार रात करीब 12 बजे इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया और सुबह उन्हें तथा अन्य नेताओं को घर में नजरबंद कर दिया। जिला प्रशासन हालांकि नजरबंद करने की कार्यवाही की पुष्टि नहीं कर रहा है।
नगर मजिस्ट्रेट वनिता सिंह ने बताया कि जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने की वजह से किसी भी तरह की पदयात्रा की इजाजत नहीं दी गई है। इधर, पुलिस अधीक्षक (नगर) दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि पदयात्रा निकालने की कोशिश कर रहे कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू तथा कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उधर, कांग्रेस कार्यालय पर सभा कर रहे तकरीबन 80 कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले जाया गया है। इस बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पी.एल. पुनिया ने लखनऊ में संवाददाता सम्मेलन में सरकार पर लोकतंत्र का दमन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पदयात्रा न निकालने दिये जाने के विरोध में उनकी पार्टी मंगलवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने दावा किया कि पूरे प्रदेश में लगभग 50 जगहों पर करीब पांच हजार कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को पकड़ा गया है। इनमें महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव और विधायक आराधना शुक्ला भी शामिल हैं। पुनिया ने दावा किया कि शाहजहांपुर में धारा 144 लागू नहीं थी, लिहाजा पदयात्रा के लिये किसी इजाजत की जरूरत नहीं थी। इसके बावजूद पार्टी ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से लेकर यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले जिलों के प्रशासन तक को शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालने की सूचना दे दी थी। मगर सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्व गृह मंत्री पी. चिदम्बरम को गिरफ्तार करने के लिये एजेंसियों ने रात 12 बजे उनके घर पर नोटिस चस्पा की और उनके घर की दीवार फांद करके उन्हें गिरफ्तार किया। मगर जब चिन्मयानंद का मामला हुआ तब उन्हें काफी दबाव बनने के बाद गिरफ्तार किया गया। यही नहीं, उन पर आरोप लगाने वाली छात्रा को भी रंगदारी के मामले में गिरफ्तार कर लिया।

पुनिया ने कहा कि कांग्रेस चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली लड़की का बचाव नहीं कर रही है। मगर उसका कहना है कि चिन्मयानंद के खिलाफ साक्ष्य होने के बावजूद वाजिब कार्रवाई नहीं की गयी। अभी हालत यह है कि चिन्मयानंद वातानुकूलित कमरे में अपना इलाज करा रहे हैं और लड़की जेल में है। एक महीने से मामला चल रहा है, मगर लड़की के खिलाफ रंगदारी मामले में अभी कोई सुबूत नहीं मिला है।
इस सवाल पर कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ट्विटर पर ही सक्रिय हैं मगर क्या वह मैदान में भी आएंगी, यह पूछे जाने पर पुनिया ने कहा कि उनका कार्यक्रम एकदम से तय होता है। हो सकता है कि वह मंगलवार को लखनऊ आयें। मालूम हो कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर अपने कॉलेज में पढ़ रही कानून की छात्रा का यौन शोषण करने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपए रंगदारी मांगने के मामले में कथित पीड़िता को भी गिरफ्तार किया गया है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर चिन्मयानंद के प्रति रियायत बरतने और छात्रा पर जुल्म करने का आरोप लगाते हुए छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए सोमवार से शाहजहांपुर से लखनऊ तक न्याय यात्रा निकालने का ऐलान किया था।


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