25 साल बाद आज पहली बार सपा-बसपा गठबंधन की संयुक्त जनसभा

Summary :

अखिलश यादव का मानना है कि विचारधारा पर आधारित इस गठबंधन के प्रति जनता में बढ़ते रूझान से भाजपा खेमे में घबराहट और बौखलाहट है।

लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच हुए गठबंधन के तहत 25 साल बाद पहली बार दोनों दलों की संयुक्त जनसभा आज रविवार को होने जा रही है। यह जनसभा सहारनपुर के देवबंद में जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास आयोजित की गई है।

सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा,”देवबंद की रैली में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा मुखिया मायावती और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) प्रमुख अजीत सिंह मौजूद रहेंगे। आने वाले समय में ऐसी कई रैलियां आयोजित होंगी जिसमें तीनों पार्टियों के नेता एक मंच पर होंगे।”

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बसपा ने बयान जारी करते हुए कहा, ”मायावती आज (रविवार) लखनऊ स्थित अमौसी हवाई अड्डा से निजी विमान से सहारनपुर स्थित सरसावां हवाई अड्डा जाएंगी। वहां से वह हेलीकॉप्टर से जामिया देवबंद स्थित तिब्बिया मेडिकल कालेज के पास जनसभा स्थल पहुंचेंगी और सभा को संबोधित करेंगी।”

सपा प्रवक्ता के मुताबिक सपा-बसपा-रालोद के गठबंधन से राजनीति में एक नई लहर पैदा हुई है। अखिलश यादव का मानना है कि विचारधारा पर आधारित इस गठबंधन के प्रति जनता में बढ़ते रूझान से भाजपा खेमे में घबराहट और बौखलाहट है। उन्होंने कहा कि जनता हालांकि अब भाजपा के बहकावे में आने वाली नहीं है।

उसे भाजपा का पूरा चरित्र मालूम हो गया है इसलिए अब 2019 के चुनाव में नया प्रधानमंत्री और नई सरकार चुनने के दृढ़ संकल्प से मतदाता को कोई भी ताकत डिगा नहीं सकती है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटों पर हो रहे आमचुनाव में बीएसपी-समाजवादी पार्टी व आर.एल.डी. पहली बार गठबंधन बनाकर चुनाव लड रही है ।

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