Lucknow Coaching Centre Tragedy: राजधानी लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की जिंदगी छीन गई है। यह हादसा इतना भयावह था कि कोई अंदाज़ा भी नहीं लगा सकता। कुछ ही समय में पूरी इमारत आग के गोले में तब्दील हो गई। मृतकों में कुछ छात्र भी शामिल थे। कई छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए छत से भी छलांग लगा दी। लेकिन जो बच्चे वहां फंस गए और उन्हें लगा की मौत सामने है तो उन्होंने आखिर में अपने माता-पिता को फोन किया। ऐसी की एक दर्दनाक कहानी एक बच्चे की है, जिसने बचाने के लिए आखिरी समय में पापा को कॉल किया।
Fire in Coaching Center: “पापा, मुझे बचा लो”
अपने बेटे की तलाश में भटक रहे आलमबाग के रहने वाले पारिजोत सिंह ने बताया कि उनके पास बेटे का फोन आया था। 23 साल के सुखमणि सिंह ने फोन पर उन्हें कहा कि “पापा, आग लग गई है, मुझे बचा लो।” पारिजोत ने कहा कि बेटे की आवाज सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और वह भागते हुए वहां पहुंचे। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। उनके पास दोपहर करीब 2.15 बजे फोन आया था। उन्होंने कहा कि अभी तक बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है, हम बहुत परेशान हैं।
Lucknow Coaching Centre: मृतकों के परिवारों को 5 लाख रूपये आर्थिक मदद का ऐलान
इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रूपये और घायलों को 50,000 रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिवारों को 5 लाख रूपये और घायलों को 50,000 रूपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।
Lucknow Coaching Centre Fire: हादसे में 15 लोगों की मौत

घायल हैं। पुलिस इस मामले में बिल्डिंग मालिक समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, वहीं 4 अधिकारी सस्पेंड हो गए है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और आग लगने के कारणों तथा ज़िम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है।


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