अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए केन्द्र की ओर से उठाये गये कदम को तत्काल जमीन पर उतारने की जरूरत : मायावती

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मायावती ने कहा कि ”कोरोना लॉकडाउन के कारण देश की चरमराई स्थिति, अव्यवस्था व ध्वस्त अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए केन्द्र ने जो भी कदम उठाए हैं इसको जमीन पर ईमानदारी से लागू करने की कोशिश तत्काल शुरू कर देनी चाहिए।”

बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए केन्द्र की ओर से उठाये गये कदम जमीन पर ईमानदारी से लागू करने की कोशिश होनी चाहिए । मायावती की यह प्रतिक्रिया केंद्र सरकार के तरफ से  कोरोना वायरस (कोविड-19) संकट के मद्देनजर बनाए गए पीएम केअर्स फंड से 1000 करोड़ रुपये प्रवासी मजदूरों पर खर्च किए जाने के फैसले के बाद आया है।

मायावती ने ट्वीट कर कहा कि ”अभूतपूर्व कोरोना लॉकडाउन के कारण देश की चरमराई स्थिति, अव्यवस्था व ध्वस्त अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए केन्द्र ने जो भी कदम उठाए हैं उसपर विश्वास करते हुए बसपा का यही कहना है कि इसको जमीन पर ईमानदारी से लागू करने की जी-जान से कोशिश तत्काल शुरू कर देनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ”साथ ही, लाचार एवं मजलूम करोड़ों प्रवासी मजदूरों के लिए जो 1,000 करोड़ रुपये मदद की घोषणा की गई है, वह यूपी जैसे अति-प्रभावित राज्यों को सीधे मिलनी चाहिए ।” मायावती ने आगे कहा कि ताकि यह प्रवासी मजदूरों के लिए अपने पांव  पर खड़े होने का वास्तविक सहारा बन सके व गरीबों एवं मजदूरों को आगे पलायन करने हेतु विवश न होना पड़े।”

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गौरतलब है कि पीएम केयर्स फंड ट्रस्ट ने बुधवार को कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए 3,100 करोड़ रूपये आवंटित करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार पीएम केयर्स फंड से आवंटित किये गये 3,100 करोड़ रूपये में से करीब 2000 करोड़ रूपये वेंटिलेटर की खरीद और 1000 करोड़ रूपये प्रवासी मजदूरों के लिए निर्धारित किये गये हैं।

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