UP को मिलेगी बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की सौगात, कानपुर पहुंचे PM मोदी, CM योगी ने की आगवानी

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सरकार का दावा है कि कोरोना महामारी के बावजूद इस एक्सप्रेस-वे को अनुमानित समय से आठ महीने पहले तैयार कर लिया गया है। चार लेन वाले इस एक्सप्रेस-वे की लागत 14,850 करोड़ रुपए रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे (Bundelkhand Expressway) की सौगात देने वाले है। प्रधानमंत्री आज 630 किलोमीटर लम्बे इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने वाले हैं। इसके लिए वह कानपुर पहुंच गए हैं, जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। उत्तर प्रदेश में दशकों से पिछड़ेपन का शिकार रहे उपेक्षित बुंदेलखंड ने एक्सप्रेस-वे के जरिये विकास की राह पर सरपट दौड़ने के लिये तैयारी पूरी कर ली है।
सिर्फ 6 घंटे में तय होगी दिल्ली से चित्रकूट की दूरी 

दिल्ली और लखनऊ से सीधे जोड़ने वाले 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के जरिये दिल्ली से चित्रकूट तक की 630 किमी की दूरी सिर्फ 6 घंटो में पूरी की जा सकेगी। सरकार का दावा है कि कोरोना महामारी के बावजूद इस एक्सप्रेस-वे को अनुमानित समय से आठ महीने पहले तैयार कर लिया गया है। चार लेन वाले इस एक्सप्रेस-वे की लागत 14,850 करोड़ रुपए रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2020 में इसका शिलान्यास किया था। यूपी सरकार का दावा है कि इसे अनुमानित लागत से करीब 12.72 प्रतिशत कम कीमत में बना लिया गया है। इससे सरकारी खजाने को 1132 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। विभिन्न एक्सप्रेस-वे के जरिये दिल्ली से चित्रकूट तक की 630 किमी की दूरी को पूरा करने में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की हिस्सेदारी 296 किमी रहेगी। जबकि, डीएनडी फ्लाईवे नौ किमी, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे 24 किमी, यमुना एक्सप्रेस-वे 165 किमी और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे 135 किमी की हिस्सेदारी निभायेंगे।
दिल्ली सहित अन्य राज्यों से जोड़ेगा एक्सप्रेस-वे

बुंदलेखंड एक्सप्रेस-वे लोगों को दिल्ली सहित अन्य राज्यों से भी जोड़ेगा। इससे चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा जिलों के लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। सरकार का कहना है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे इस इलाके की कनेक्टिविटी में सुधार के साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। बांदा और जालौन में एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कारिडोर भी बनाया जा रहा है। इसके लिए सलाहकार एजेंसी का चयन हो चुका है। उद्योग लगने से लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। एक्सप्रेस-वे के आरओडब्ल्यू के तहत लगभग सात लाख पौधे रोपे जा रहे हैं।
Exit के लिए 13 स्थानों पर इंटरचेंज की सुविधा 

एक्सप्रेस-वे चार लेन की चौड़ाई में है। एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और निकासी के लिए 13 स्थानों पर इंटरचेंज सुविधा दी गई है। परियोजना के आस-पास के गांव के निवासियों को सुगम आवागमन की सुविधा के लिए स्टैगर्ड रूप में सर्विस रोड का निर्माण किया गया है। एक्सप्रेसवे पर चार रेलवे ओवर ब्रिज, 14 दीर्घ सेतु, छह टोल प्लाजा, सात रैम्प प्लाजा, 293 लघु सेतु, 19 फ्लाई ओवर और 224 अण्डरपास का निर्माण किया गया है।

Desk Team