वृंदावन के मशहूर संत प्रेमानंद महाराज के भक्त पिछले 19 दिनों से उनके दर्शन करने का इंतजार कर रहे थे। वीरवार को वह यमुनापार स्थित नए आश्रम ‘ से श्रीहित राधा केलिकुंज पहुंचे। उन्होंने अपने गुरु संत गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचकर आशीर्वाद लिया और इसके बाद कार से रवाना हो गए। उन्हें देखने के लिए परिक्रमा मार्ग पर अनुयायियों की भारी भीड़ थी। उनके शिष्य दीपक लोधी उर्फ़ रसिक दुलारी की मौत के बाद से चर्चाओं ने तूल पकड़ लिया था। हर तरफ अलग-अलग बातें की जा रही थी। अब रसिक दुलारी की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है।
प्रेमानंद महाराज को लेकर फैली अफवाहों पर आश्रम ने दिया जवाब

प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद सोशल मीडिया प्रेमानंद महाराज को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे। कुछ का कहना था कि वह केलिकुंज आश्रम छोड़कर एकांतवास में चले गए हैं। सभी भक्त बेसब्री से प्रेमानंद महाराज के दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हालांकि, अब इन अफवाहों को लेकर आश्रम की तरफ से स्पष्टीकरण दिया है। आश्रम का कहना है कि ये दोनों आश्रम अलग-अलग हैं। इसके बाद से इन अफवाहों पर ब्रेक लग गया है।
मानवाधिकार आयोग पंहुचा मामला
संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। इस मामले पर आयोग ने अपर पुलिस महानिदेशक आगरा को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
युवा साधु रसिक दुलारी शरण ने पिछले शुक्रवार को आश्रम की इमारत से कूद कर जान दे दी थी। उसका प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। पुलिस ने जांच में उसके कमरे से कटा पड़ा प्राइवेट पार्ट, काटने में इस्तेमाल कटर आदि बरामद किया था। शव का पोस्टमार्टम करा उसे परिजनों को सौंप दिया गया था। हालांकि मौत और आत्महत्या का कारण अभी तक नहीं पता चल सका है। इस मामले में गुरु कृपा कुंज में रह रहे साधकों से पूछताछ की जा रही है।


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