अगर आप भी रोजाना सुबह के नाश्ते में एक ही तरह का फ़ूड खा-खाकर बोर हो गए हैं, तो जरूर आप किसी ऐसी टेस्टी और हेल्दी डिश की तलाश में होंगे, जो मिनटों में बनकर तैयार हो जाए, तो आज हम आपको यहां मटर कचौरी बनाने का आसान तरीका और कुछ टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिसे आप मिनटों में कुछ ही सामग्री के साथ बनाकर तैयार कर सकते हैं। इसकी सबसे खास बात तो ये है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा समय भी नहीं लगता है, तो चलिए यहां जानते हैं इसे कैसे बनाया जाता है।
मटर कचौरी बनाने का तरीका

सामग्री
- मैदा या गेंहूं का आटा – 2 कप
- तेल या घी – ¼ कप
- अजवाइन – ½ छोटी चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- पानी – आटा गूंथने के लिए
- ताजी हरी मटर – 1.5 से 2 कप
- बेसन – 1 बड़ा चम्मच
- अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच
- जीरा – ½ छोटी चम्मच
- सौंफ – 1 छोटी चम्मच
- हींग – 2 चुटकी
- धनिया पाउडर – ½ छोटी चम्मच
- गरम मसाला – ½ छोटी चम्मच
- अमचूर पाउडर या चाट मसाला – 1 छोटी चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – ¼ छोटी चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- तेल – 2 बड़े चम्मच
- तलने के लिए तेल/घी
मटर कचौरी बनाने की विधि

- इसे बनाने के लिए एक बर्तन में मैदा, नमक, अजवाइन और मोयन डालें। इन्हें हाथों से अच्छे से मसल लें।
- फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर नरम आटा गूंथ लें। आटे को गीले कपड़े से ढककर 15 मिनट के लिए रख दें।
- मिक्सी में हरी मटर को बिना पानी डाले हल्का दरदरा पीस लें।
- अब कढ़ाई में 2 चम्मच तेल गरम करें। इसमें हींग, जीरा और सौंफ डालें।
- अब अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट डालकर कुछ सेकेंड भूनें।
- इसमें 1 बड़ा चम्मच बेसन डालें और धीमी आंच पर भूनें।
- अब पिसी हुई मटर और सभी सूखे मसाले डालें।
- मिश्रण के सूखा और टाइट होने तक 5-7 मिनट भूनें। इसे ठंडा होने दें और गोलियां बना लें।
- आटे की छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें। इसे हल्के हाथों से दबाकर चपटा कर लें।
- इसके बाद कढ़ाई में तेल डालकर हल्का गरम होने दें।
- अब कचौरियों को धीमी आंच पर पलट-पलट कर खस्ता होने तक तल लें।
- अब आपकी गरमा-गरम मटर कचौरी बनकर तैयार है इसे आप हरी चटनी, इमली की चटनी या आलू की सब्जी के साथ सर्व करें।
मटर कचौरी बनाने के लिए टिप्स
- कचौरी को खस्ता बनाने के लिए तेल/घी सही मात्रा में डालना जरूरी है।
- आटे में मुट्ठी बांधकर देखने पर अगर वह लड्डू की तरह टिके, तो मोयन एकदम परफेक्ट है।
- स्टफिंग में 1 चम्मच बेसन जरूर डालें। इससे मटर का सारा पानी या नमी सूख जाती है और कचौरी फटती नहीं है।
कचौरी को हमेशा धीमी आंच पर ही तलें। - तेज आंच पर तलने से कचौरी ऊपर से तो लाल हो जाएगी लेकिन अंदर से कच्ची और नरम रह जाएगी।


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