Ram Mandir CEO Selection: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। बता दें कि इस पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मिलने के बाद अब चयन प्रक्रिया आखिरी दौर में पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि 5,300 से ज्यादा आवेदनों में से छंटनी के बाद 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए चुना गया है।
CEO पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कई स्टेप्स की चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। फर्स्ट स्टेप में करीब 5,300 से अधिक लोगों को गूगल फॉर्म भेजकर 32 सवालों के जवाब मांगे गए थे। इन जवाबों के मूल्यांकन के आधार पर 54 उम्मीदवारों को अगले स्टेप के लिए चुना गया। इसके बाद इन 54 उम्मीदवारों से 2 दर्जन से अधिक सवाल पूछे गए। उनकी योग्यता, अनुभव और मंदिर प्रबंधन से जुड़ी समझ को परखा गया। इसी प्रक्रिया के बाद अब 18 उम्मीदवार आखिरी इंटरव्यू के स्टेप तक पहुंचे हैं।
धार्मिक आस्था और जीवनशैली पर पूछे सवाल
इंटरव्यू में सिर्फ प्रशासनिक अनुभव और प्रबंधन क्षमता पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उम्मीदवारों की धार्मिक समझ और व्यक्तिगत जीवनशैली से जुड़े सवाल भी पूछे जाने की जानकारी सामने आई है। उम्मीदवारों से कथित तौर पर पूछा गया कि वे शाकाहारी हैं या मांसाहारी। इसके अलावा शराब का सेवन करने को लेकर भी सवाल किए गए। कुछ उम्मीदवारों से उनकी व्यक्तिगत धार्मिक आस्था के बारे में भी जानकारी ली गई। उनसे यह भी पूछा गया कि वे खुद को कितना हिंदू मानते हैं और क्या वे जनेऊ धारण करते हैं। इन सवालों के जरिए यह समझने की कोशिश की जा रही है कि उम्मीदवार मंदिर की धार्मिक प्रकृति और उससे जुड़ी परंपराओं को किस तरह समझते हैं।
CEO पद के लिए उम्मीदवारों से मंदिर या किसी धार्मिक संस्थान के प्रबंधन से जुड़े उनके अनुभव के बारे में भी जानकारी ली जा रही है। इंटरव्यू में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उम्मीदवार धार्मिक संस्थान की डेली की व्यवस्थाओं को कितनी अच्छी तरह संभाल सकते हैं। इसके साथ ही मंदिर की परंपराओं, धार्मिक आयोजनों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उनकी समझ भी परखी जा रही है।
वित्त और प्रशासन संभालने की क्षमता पर जोर
राम मंदिर जैसे बड़े धार्मिक स्थल के प्रबंधन में प्रशासन के साथ-साथ वित्तीय व्यवस्था की भी अहम भूमिका है। इसलिए CEO पद के उम्मीदवारों से वित्तीय प्रबंधन और बड़े स्तर की प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने की उनकी क्षमता के बारे में भी सवाल किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों से यह भी पूछा जा रहा है कि वे मंदिर की गरिमा और धार्मिक परंपराओं को बनाए रखते हुए उसके विकास और व्यवस्थाओं को किस तरह आगे बढ़ाएंगे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच सुविधाओं और प्रबंधन को बेहतर बनाने के उनके विजन को भी चयन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
बता दें कि मौजूदा इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 उम्मीदवारों में से 3 नामों का पैनल तैयार किए जाने का प्लान है। यह पैनल राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपा जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट इन 3 नामों में से एक उम्मीदवार के चयन पर आखिरी फैसला करेगा। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित बताई जा रही है। इसी बैठक में CEO पद को लेकर आगे की प्रक्रिया पर फैसले होने की उम्मीद है। इस तरह 5,300 से ज्यादा आवेदनों से शुरू हुई चयन प्रक्रिया अब 18 उम्मीदवारों तक पहुंच चुकी है। इंटरव्यू के बाद तीन नामों का चयन होगा और आखिरकार इनमें से एक व्यक्ति को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के CEO पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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