उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय पार्टी राष्ट्रीय लोकदल इन दिनों काफी ऊथल-पुथल का दौर चल रहा है। पार्टी के अंदर खलबली का माहौल तब बना, जब पार्टी के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने तीन नेताओं को निलंबित कर दिया। दरअसल, रालोद के यूपी इकाई के तीन नेताओं को अनुशासनहीनता में संलग्न पाए जाने पर यह कड़ा कदम उठाया गया।
यूपी प्रदेश अध्यक्ष ने इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी के निर्देश पर प्रदेश की अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह बालियान ने मथुरा के तीन नेताओं को एक दिन पहले एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान ‘अनुशासनहीनता’ करने का दोषी मानते हुए छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया है।
यूपी प्रदेश अध्यक्ष ने इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी के निर्देश पर प्रदेश की अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह बालियान ने मथुरा के तीन नेताओं को एक दिन पहले एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान ‘अनुशासनहीनता’ करने का दोषी मानते हुए छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि पार्टी की सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के तीन नेताओं द्वारा आपसी विवाद को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने, आपस में भिड़ने तथा मना करने पर भी अनुशासनहीनता जारी रखने पर पार्टी की अनुशासन समिति ने उन्हें निलम्बित कर कारण बताओ नोटिस जारी किये और पूछा कि क्यों न उन्हें उनके इस व्यवहार के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए।
सिंह ने बताया कि निलंबित नेताओं में पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह भरंगर, बच्चन पहलवान और चौधरी देवराज सिंह शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन तीनों नेताओं के सार्वजनिक झगड़े के वीडियो वायरल हो जाने के बाद पार्टी नेतृत्व को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा था और इस कारण पार्टी ने भविष्य में ऐसे व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कड़ी कार्रवाई कर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने का संदेश देने का प्रयास किया है।
सिंह ने बताया कि निलंबित नेताओं में पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह भरंगर, बच्चन पहलवान और चौधरी देवराज सिंह शामिल हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन तीनों नेताओं के सार्वजनिक झगड़े के वीडियो वायरल हो जाने के बाद पार्टी नेतृत्व को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा था और इस कारण पार्टी ने भविष्य में ऐसे व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कड़ी कार्रवाई कर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने का संदेश देने का प्रयास किया है।


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