उत्तर प्रदेश में श्रमिकों को उनके स्थान पर पहुंचने के लिए बसों के इंतजामों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। वहीं कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने इस पूरे मामले में अपनी ही पार्टी को सवालों घेरे में ला खड़ा किया है।
उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा, अगर कांग्रेस लोगों के लिए भोजन और बसों की व्यवस्था कर रही है, तो हर सरकार को इसका स्वागत करना चाहिए। सीमाओं पर बसों को प्रवेश की अनुमति प्रदान नहीं करना, नेताओं को गिरफ्तार करना और क्षुद्र राजनीति करना, क्या यह उचित है? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि UP सरकार बसों को अनुमति नहीं दे रही है।
मायावती ने प्रवासी श्रमिकों को घर भेजने के नाम पर भाजपा और कांग्रेस पर घिनौनी राजनीति करने का लगाया आरोप
गौरतलब है कि मंगलवार को आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में यूपी-राजस्थान बॉर्डर पर दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान जो घटनाक्रम हुआ, उससे प्रदेश की सियासत में काफी गरम है। महासचिव प्रियंका गांधी की ओर से मंगलवार को भेजी गईं बसों को राजस्थान-आगरा सीमा पर रोके जाने की सूचना पर बवाल मच गया।
यूपी के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सहित कई नेता पहुंच गए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को राजस्थान सीमा पर धरनास्थल चैमा शाहपुर से गिरफ्तार कर लिये गये। आगरा पुलिस कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को बुधवार दोपहर में कोर्ट में पेश करेगी।
देर रात तक स्थानीय कांग्रेसी पुलिस लाइन के बाहर डटे रहे थे। आज सुबह भी कांग्रेसियों का पुलिस लाइन के बाहर जुटना शुरू हो गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पुलिस लाइन के आसपास पीएसी तैनात कर दी है। सभी वाहनों को जांचा जा रहा है।


Download Android App
Download iOS App



