उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सियासी दलों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तीखा भाषा के खिलाफ चुनाव आयोग का रुख किया है। सपा ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि योगी को आदर्श आचार संहिता के अनुसार भाषा का इस्तेमाल करने का निर्देश जारी किया जाए।
सपा की ओर से चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्तापक्ष से सीएम योगी आदित्यनाथ विपक्ष के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे है, वो मर्यादित, संयत और भद्र भाषा की श्रेणी में नहीं आता है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा का कोई औचित्य नहीं है।
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सपा ने शिकायत की सीएम योगी ने अभी आगरा में 10 मार्च के बाद बुल्डोजर चलने की धमकी दी। इसके अलावा वो लगातार समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को गुंडा, मवाली और माफिया बता रहे हैं। शिकायत में सीएम योगी के लाल टोपी और गर्मी वाले बयान का भी जिक्र किया है।
सपा के पत्र में लिखा गया है कि सीएम योगी अपनी सभाओं में कह रहे हैं लाल टोपी मतलब दंगाई, इसके साथ ही उन्होंने मुजफ्फर नगर में कहा कि ये जो गर्मी दिखाई दे रही है, ये सब शांत हो जाएगी। ये कैसे शांत होगी, मैं सब जानता हूं। ये भाषा अलोकतांत्रिक और लगातार धमकी देने वाली भाषा बोल रहे हैं।
गौरतलब है कि चुनावों के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं। वहीं दूसरी ओर सियासी दलों के बीच तीखे बयानों के तीर छोड़े जा रहे हैं। इन चुनावों में पाकिस्तान, जिन्ना, और आतंकवादियों जैसे मुद्दों ने भी सियासत का पारा बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।


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