उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि कोरोना केसों में बढ़ोतरी होने की वजह से 15 अप्रैल को लॉकडाउन खोलना जल्दबाजी हो सकती है। अवस्थी ने सोमवार को यहां के लोकभवन में प्रेस वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से बचाव व रोकथाम की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी, जिसमे बताया गया कि सोमवार तक प्रदेश में कोरोना पजिटीव केसों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है।
तबलीगी जमात के कारण प्रदेश में कोरोना केसों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि कोरोना केसों में बढ़ोतरी होने की वजह से 15 अप्रैल को लकडाउन खोलना जल्दबाजी हो सकती है। अपर मुख्य सचिव (गृह) ने बताया कि प्रदेश में अब तक तबलीगी जमात के 1600 लोगों की पहचान कर ली गई है, जिनमें से 1200 लोगों को क्वारंटीन भी करा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि धर्मगुरुओं ने भी लॉकडाउन को पूर्ण रूप से न खोले जाने का सुझाव दिया है। धर्मगुरुओं ने योगी सरकार को पूरा सहयोग देने का वादा भी किया है। अवस्थी ने कहा कि प्रदेश में अब कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है।
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5 से 6 अप्रैल के बीच में 27 नए केस सामने आए हैं, जिसमें से 21 केस तो तबलीगी जमात से संबंधित हैं। इन नए केसों की पहचान कर ली गई है। इनमें लखनऊ से 5, कानपुर से 1, शामली से 5, बिजनौर से 1, सीतापुर से 8 और प्रयागराज से 1 की पहचान गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अबतक तबलीगी जमात से संबंधित कुल 159 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
उन्हें क्वारंटीन करा दिया गया है। इनमें आगरा से 29, लखनऊ से 12, गाजियाबाद से 14, सहारनपुर से 13, मेरठ से 13, शामली से 13, सीतापुर से 8, कानपुर नगर से 7, महाराजगंज से 6, गाजीपुर से 5, फिरोजाबाद से 4, हाथरस से 4, वाराणसी से 4, हापुड़ से 3, प्रतापगढ़ से 3, लखीमपुर खीरी से 3, आजमगढ़ से 3, जौनपुर से 2, बागपत से 2, रायबरेली से 2, बांदा से 2, मिर्जापुर से 2, बाराबंकी से 1, हरदोई से 1, शाहजहांपुर से 1, प्रयागराज से 1 और औरैया से 1 केस शामिल है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों में बनी लैब को तीन स्तरों पर अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मेरठ, झांसी, गोरखपुर, सैफई, कानपुर और प्रयागराज के 2 व लखनऊ के 3 मेडिकल कॉलेजों की लैब को उत्तर प्रदेश कोविड केयर फंड से अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव (गृह) ने बताया कि 14 अन्य मेडिकल कॉलेजों में जहां टेस्टिंग लैब नहीं है, वहां भी अतिशीघ्र मलिकुलर लैब स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इसके लिए अंबेडकर नगर, कनौज, जालौन, आजमगढ़, सहारपुर, बांदा, बदायूं, गौतमबुद्धनगर, अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर और ग्रेटर नोएडा के मेडिकल कॉलेज को शामिल किया गया है।


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