Samajwadi Party MPs News : राम मंदिर चंदा चोरी का विवाद अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा। इसे लेकर समाजवादी पार्टी अलग अलग तरह से विरोध दर्ज करा रही है। आज संसद परिसर में राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी सांसदों ने गुरुवार को अनोखा कदम उठाया।
हालिया प्रदर्शनों के दौरान जुटाए गए ₹2,15,490 और चांदी के दो सिक्के दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में दान कर दिए।
सपा सांसदों का कहना है कि यह राशि मानसून सत्र के दौरान देश भर के सांसदों और आम लोगों के सहयोग से जमा हुई थी। मंदिर प्रबंधन से बाकायदा रसीद लेने के बाद सांसदों ने कहा कि यह लड़ाई आस्था की सुरक्षा और फर्जीवाड़े के खिलाफ है।
सिटिंग जज से जांच की मांग
बता दें, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला सपा संजीवनी की तरह देख रही है। सपा सांसद अक्षय यादव ने मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद संवाददाताओं से बात की। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि जो लोग इस गड़बड़ी के जिम्मेदार हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। हम जानना चाहते हैं कि आखिर दान की चोरी किस स्तर पर हुई है। मौजूदा जांच से हमें संतुष्टि नहीं है, इसलिए सिटिंग जज की अगुवाई में SIT का गठन होना चाहिए।
अक्षय यादव ने आगे बताया, “हम केवल विरोध के प्रतीक के रूप में संसद में चंदा बॉक्स लेकर आए थे। लेकिन जब लोगों ने इसे देखा तो अपनी अटूट आस्था के कारण इसमें पैसे डालना शुरू कर दिया। जब विरोध के बक्से में लोगों ने इतना दान दे दिया, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मंदिर निर्माण के वक्त लोगों ने कितनी श्रद्धा से चंदा दिया होगा। वही दान चुराया गया है और हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को सजा मिले।”
संसद में राजनीतिक घमासान जारी
राम मंदिर निर्माण में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर पिछले कुछ दिनों से संसद परिसर और दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिल रहा है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़े हैं। विपक्ष का कहना है कि उनका विरोध राम मंदिर या जन-आस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए फंड के कथित दुरुपयोग और हेराफेरी के खिलाफ है।
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) गठबंधन ने विपक्ष के इस रुख की कड़ी आलोचना की है। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष बेवजह के मुद्दों पर हंगामा करके संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। हालांकि, विपक्षी नेता इस मुद्दे को सार्वजनिक जवाबदेही और धार्मिक आस्था से जुड़ा बताकर लगातार हमलावर बने हुए हैं।
यह भी पढ़ें – सपा खुद को रामभक्त कहने लायक नहीं, योगी सरकार अपराधियों पर सख्त: मुकेश राजपूत


Download Android App
Download iOS App



