उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंंत्री सतीश महाना ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के अनुकूल वातावरण के कारण उत्तर प्रदेश उद्योगपतियों की पहली पसंद बना गया है। महाना ने कहा, ‘‘राज्य सरकार के बेहतर बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और समायोजन के रवैये की वजह से उद्योगपति उत्तर प्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने के लिए आकर्षित हो रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान भी उत्तर प्रदेश को अपना पहला विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सैमसंग डिस्प्ले यूनिट के माध्यम से राज्य को 4,800 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। मंत्री के अनुसार, राज्य में निवेश की श्रृंखला इस हद तक बढ़ रही है कि गोरखपुर में सरकार अब युद्धस्तर पर उद्योगों के लिए अधिक भूमि का अधिग्रहण कर रही है। मंत्री ने कहा कि चित्रकूट में भी, जिसे अपराधियों का गढ़ माना जाता था, एबी मॉरिस 700 करोड़ रुपये के निवेश के साथ खमीर उद्योग की स्थापना कर रही है।
मंत्री ने कहा कि झांसी, कानपुर और चित्रकूट में डिफेंस कॉरिडोर (रक्षा गलियारे) की स्थापना की प्रक्रिया अनावरण के चरण में है, जबकि आईटी उद्योग की पहली पसंद अब हैदराबाद की जगह नोएडा है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर काम शुरू हो गया है और इसके लिए अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। महाना ने कहा कि पिछले चार वर्षों में योगी आदित्यनाथ सरकार के अंतर्गत विकास के कई कार्य हुए हैं।
इस सरकार के बारे में एक आम धारणा है कि यह राज्य के विकास के लिए काम कर रही है और विपक्ष के पास कोई काम नहीं है क्योंकि धरना, प्रदर्शन, घेराव जैसे उनके हथियार को जंग लग रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता और गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई के कारण राज्य के लोगों में सुरक्षा की भावना विकसित हुई है।
मंत्री ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, बिजली, सड़कों आदि में बड़े पैमाने पर विकास के कारण अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी के नेता) खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे होंगे। हाल के सर्वेक्षण में राज्य में भाजपा की सरकार के पुन: बनने का अनुमान जताया गया है।


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